मथुरा। जनपद के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के कई चिकित्सक केवल ओपीडी करने के बाद आगरा चले जाते हैं। वहां निजी प्रैक्टिस कर कमाई करने के आरोप इन पर लगते रहे हैं। जब भी अधिकारी इन पर लगाम कसने का प्रयास करते हैं तभी मथुरा में सरकारी आवास जर्जर होने की बात कहकर आदेशों को हवा में उड़ा दिया जाता है।
हालात यह हैं कि यदि रात को चिकित्सकों की आवश्यकता पड़ जाए तो यह मिलेंगे नहीं। मरीज सस्ते इलाज के लिए भटकते रहते हैं और मजबूरन निजी अस्पतालों में जाकर इलाज कराना पड़ता है।
चिकित्सा सेवा का कार्य 24 घंटे का माना जाता है। प्रदेश सरकार ने मथुरा में विकास के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए लेकिन चिकित्सा सेवा में सुधार करने का ठोस प्रयास नहीं किया है। जिसके चलते जिला अस्पताल सिर्फ क्लीनिक का रूप लेता जा रहा है। जिला अस्पताल में सीएमएस सहित कुल 18 चिकित्सकों में से बमुश्किल 10 चिकित्सक ही मथुरा रहते हैं। बाकी चिकित्सक ओपीडी के बाद आगरा चले जाते हैं।
जिला मुख्यालय छोड़ने के बारे में जब भी इन चिकित्सकों को सीएमएस द्वारा कहा जाता है तो कारण बता दिया जाता है कि मथुरा में सरकारी आवास जर्जर हैं, रहने लायक नहीं हैं, जबकि जो चिकित्सक मथुरा में ही रहते हैं, उनका कहना है कि जब नौकरी करनी है तो यहां पर रहना ही चाहिए। वो भी तो किराये के मकान में रहकर नौकरी कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता मुकुट वल्लभ दुबे का आरोप है कि अस्पतालों में तैनात 20 से अधिक डॉक्टर और स्टाफ आगरा में रह रहे हैं। जिनका हर दिन आगरा से मथुरा आना जाना लगा रहता है। मथुरा के सीएमओ कार्यालय में तैनात चिकित्सक और कर्मचारियों के अलावा जिला अस्पताल, सौ शैय्या संयुक्त जिला अस्पताल वृंदावन, महिला जिला अस्पताल के अलावा बलदेव, गोवर्धन सहित कई सीएचसी पर तैनात चिकित्सक एवं स्टाफ की आगरा में रहकर मथुरा अपनी डॺूटी करने की शिकायत डीएम से की गई।
इमरजेंसी में आती है परेशानी
इन चिकित्सकों के आगरा में रहने के कारण जब भी इनकी आवश्यकता पड़ती है तो यह उपलब्ध नहीं हो पाते और इमरजेंसी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जो चिकित्सक आगरा जाते हैं उनमें से कई चिकित्सक अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञ भी हैं।
अस्पताल के सभी चिकित्सकों से शपथपत्र लिए गए हैं। इनमें लोकल एड्रेस प्रूफ और मकान नंबर मांगे गए हैं। अधिकांश डॉक्टरों ने शपथपत्र दे दिए हैं।
-डॉ. मुकुंद बंसल, सीएमएस, जिला अस्पताल
अभी कोई शिकायत नहीं मिली है कि किसी डॉक्टर के समय से न पहुंचने पर किसी मरीज को परेशानी हुई है। कौन-कौन डॉक्टर आगरा से आते हैं जानकारी की जाएगी।
- डॉ. एके वर्मा, सीएमओ