राधाकुंड में हुरंगा खेलती हुरियारिनें व हुरियारे।
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राधाकुंड (मथुरा)। श्रीधाम राधाकुंड के टीले के ऊपर मंगलवार को लठामार होली देखने के लिए दर्शकों का सैलाब उमड़ पड़ा।
हुरियारिनों की लाठियों के प्रहार से टीले की गलियां गूंज उठी। हुरियारिनों के जोश के आगे हुरियारे पस्त नजर आए। इस दौरान अबीर-गुलाल के साथ प्राकृतिक रंगों व फूलों की बरसात से समूचा टीला नहा उठा।
गोपी स्वरूप हुरियारिनों ने ग्वाल स्वरूप हुरियारों की लाठी से खूब खबर ली। तीन घंटे तक प्रेम पगी लाठियां बरसती रहीं। ढप, झांज, मजीरा, मृदंग की धुन पर ग्वाल नृत्य करते रहे। आत्म विभोर करने वाली इस होली में देश-विदेश के लोगों ने भाग लिया। लठामार होली शुरू होने से पहले लोगों ने चंदन के टीके लगाए। मेरी चुनरी में लग गयौ दाग री, ऐसौ चटक रंग डारौ, गाते हुए हुरियारों ने अबीर गुलाल और फूल की पंखुड़ियों की जम कर वर्षा की। इस बार नई नवेली दुल्हनों ने भी लठामार होली खेली।
भोलेनाथ से होली खेलने की अनुमति
राधाकुंड की लठामार होली खेलने से पहले हुरियारों ने भोले नाथ के मंदिर पहुंच कर माथा टेका और होली खेलने की अनुमति मांगी। समाज ने होली के रसिया गाकर समारोह में चार चांद लगा दिए। यहां होने वाले दृश्य द्वापर में हुई लठामार होली की याद ताजा कर रहे थे।