वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तृतीय पर्व पर जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारीलाल चंदनी (पीत, पीला) वस्त्र धारण कर भक्तों को चरण दर्शन देंगे। सुबह ठाकुर श्रीबांकेबिहारी चंदनी रंग की पीतांबरी पोशाक और शाम को चंदनी रंग का मुकटा (सनिया व धोती) धारण कर सर्वांग दर्शन देंगे।
अक्षय तृतीया पर्व की सभी मंदिरों में तैयारियां की जा रही हैं। इस दिन वर्ष में एक बार भगवान के सर्वांग पर चंदन लगाकर चरण दर्शन होते हैं।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि मंदिर की चंदन कोठरी में चंदन की घिसाई की जा रही है। सेवायत चंदन को एक बड़ी शिला पर प्रतिदिन एक हफ्ते से घिस रहे हैं। चंदन को बंगलूरू और मैसूर से मंगाया गया है। इधर, रविवार को भी मंदिर में ठाकुरजी के फूलबंगला के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही।
करीब सौ किलो चंदन होगा बिहारीजी को अर्पित
मंदिर के सेवायतों के अलावा भक्तजन द्वारा ठाकुरजी की सेवा के लिए चंदन मंगाया गया है। करीब सौ किलो चंदन से ठाकुरजी के लेपन तथा चरणों में चंदन के लड्डू रखे जाएंगे।
सोने की पायल, सोने का मुकुट धारण करेंगे बिहारीजी
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी इस दिन सोने व चांदी की पाजेब धारण करेंगे। मान्यता है कि इस दिन जो भी कन्या भगवान बांकेबिहारी को पाजेब अर्पित करती हैं, उनको मन चाहा वर प्राप्त होता है।
अक्षय तृतीय पर ठाकुरजी को सतुआ, खरबूजा, ठंडाई, दूधभात, दूध से ठंडी आइस्क्रीम के साथ ही शीतल पेय और खाद्य पदार्थों निवेदित किए जाते हैं। इसके साथ ही ठाकुरजी के समक्ष चंदन का गोला, सुराही, पंखा, गुलाबजल, खस का इत्र आदि भी रखे जाते हैं।