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मथुरा: अवैध वसूली में लिप्त सात पुलिसकर्मी निशाने पर, गिरेगी गाज

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मथुरा/फरह। अवैध वसूली में पुलिस और कथित पत्रकारों के गठजोड़ का खुलासा करने वाली मथुरा पुलिस अब सक्रिय हो गई है। जैंत चौकी और कृष्णानगर चौकी (दोनों रिपोर्टिंग चौकी) के सात पुलिसकर्मी अब अफसरों के निशाने पर आ गए हैं। यह पुलिसकर्मी गोवर्धन चौराहे और छटीकरा चौराहे पर अवैध वसूली में शामिल बताए जा रहे हैं। जल्द ही इन पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
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15 सितंबर की देररात को फरह के महुअन टोल पर आगरा के कमलानगर, बल्केश्वर निवासी गल्ला व्यापारी कृष्णा अग्रवाल के चावल से भरे कुरुक्षेत्र के इस्माइलाबाद जा रहे ट्रक को रोककर तीन लाख रुपये की मांग की गई थी। इस कार्य को अंजाम कथित पत्रकार और पुलिसकर्मियों के गठजोड़ ने दिया था। गनीमत रही कि आगरा का गल्ला व्यापारी होने के कारण आईजी नवीन अरोरा को इस खेल की जानकारी दी गई और आरोपी पकड़े गए।
पुलिस ने चार कथित पत्रकार और तीन पुलिसकर्मियों को बृहस्पतिवार की शाम को ही जेल भेज दिया। जांच के दौरान कृष्णानगर चौकी और जैंत चौकी के करीब सात पुलिसकर्मियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। इन पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर लिया गया है, पर नामों का खुलासा नहीं किया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गठजोड़ के खुलासे के बाद भूमिगत हो गए कथित पत्रकार
अवैध वसूली में तीन पुलिसकर्मी समेत चार कथित पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद इस कार्य में सक्रिय अन्य भूमिगत हो गए हैं। इसका डर तेजी से फैला है कि कल तक गाड़ियों में रौब से घूमने वाले यह कथित पत्रकार क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे लोगों ने अपना धंधा चलाने के लिए किसी प्रिंट या इलेक्ट्रानिक मीडिया का फर्जी सहारा ले रखा था, जो इसकी आड़ में वर्षों से अपना धंधा चला रहे हैं।
यही लोग पुलिस से सांठगांठ करके अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मथुरा में लॉकडाउन के समय में भी ऐसे कथित पत्रकारों ने क्षेत्र में लोगों से अवैध वसूली की थी। राशन डीलर, कबाड़ी, अवैध खनन, टेंपो चालक, मीट कारोबारी, सट्टा, जुआ, नशीले पदार्थों आदि के कारोबार करने वालों से इनकी महीनेदारी फिक्स होती है और अगर पुलिस इन पर कार्रवाई भी करती है तो ऐसे कथित पत्रकार ही पुलिस से सांठगांठ करके इनको बचाते हैं। संवाद
कथित पत्रकारों की मांगी पुलिस ने सूची
दरोगा दिगंबर सिंह, मुख्य आरक्षी नरेश कुमार और आरक्षी जितेंद्र राघव निलंबित कर दिए गए हैं। इन तीनों की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके अलावा ऐसे कई कथित पत्रकारों की सूची पुलिस ने प्रशासन से मांगी है। इससे इन कथित पत्रकारों पर कार्रवाई समय रहते की जा सके।
कथित पत्रकारों की सूची मांगी गई है। हाईवे पर अवैध वसूली में लिप्त अन्य कथितों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। ऐसे पुलिसकर्मियों पर भी नजर रखी जा रही है कि जो अवैध वसूली में लिप्त हैं।
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- डॉक्टर गौरव ग्रोवर, एसएसपी
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