अम्बर अग्निहोत्री
मथुरा। रेलवे ट्रैक पर छुट्टा पशुओं का झुंड ट्रेनों के लिए खतरा बन रहे थे। ये लगातार ट्रेनों से टकरा रहे थे। अब रेलवे द्वारा मथुरा से बिल्लोचपुरा तक रेलवे ट्रैक पर इनकी रोकथाम के लिए चिन्हित किए गए 10 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को डब्ल्यू बीम मेटल पाइप की फेंसिंग कर सुरक्षित किया जाएगा। ट्रैक के सहारे फेंसिंग करने का काम निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। इस पर रेलवे 4.37 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करेगा।
मथुरा से बिल्लोचपुरा के बीच रेलवे लाइन पर दोनों ओर डब्ल्यू बीम मेटल पाइप की फेंसिंग कर उसे सुरक्षित किया जाएगा, जिससे छुट्टा पशु और ग्रामीण आसानी से रेलवे ट्रैक तक न पहुंच सकें। मथुरा-आगरा के बीच व्यस्त ट्रैक होने के कारण थोड़े-थोड़े अंतराल पर ट्रेनों का आवागमन होता रहता है। रेलवे ट्रैक पर अचानक से छुट्टा पशुओं के आ जाने से वह ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। जिसका सीधा असर ट्रेन संचालन पर पड़ता है।
इन पशुओं के अवशेष ट्रेन के इंजन में फंस जाते हैं। जिससे ट्रेन संचालन थम जाता है। ऐसे में अब रेलवे अधिकारियों ने मथुरा से बिल्लोचपुरा तक रेलवे ट्रैक का अध्ययन कर करीब 10 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक को चिन्हित किया, जहां से छुट्टा पशुओं आसानी से रेलवे ट्रैक पर पहुंचते हैं। फेंसिंग कार्य की सभी प्रक्रियाएं रेलवे द्वारा पूरी कर ली गई हैं, शीघ्र ही इसका काम शुरू हो जाएगा। संवाद
फेंसिंग के काम पर खर्च होंगे करीब 4.37 करोड़ रुपये
मथुरा से बिल्लोचपुरा तक के बीच चिन्हित स्थानों पर डब्ल्यू बीम मेटल पाइप फेंसिंग का कार्य किया जाएगा। इस पर रेलवे द्वारा करीब 4.37 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। फेंसिंग का कार्य निजी कंपनी के ठेकेदार द्वारा किया जाएगा।
ग्रामीण भी आसानी से पार नही कर सकेंगे फेंसिंग
ग्रामीण क्षेत्र से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन को लोग खेत पर जाने और शौच आदि के लिए पार करते हैं। इस दौरान अक्सर ग्रामीण ट्रेन की चपेट में आकर या तो जान गंवा देते हैं या गंभीर घायल हो जाते हैं। रेलवे द्वारा की जा रही फेंसिंग को ग्रामीण भी आसानी से पार नहीं कर सकेंगे। इससे मैन रन ओवर की घटनाओं में भी कमी आएगी।
वर्जन-
रेलवे लाइन पर अक्सर छुट्टा पशु पहुंच जाते हैं और वह ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं। इससे ट्रेन संचालन प्रभावित होता है। मथुरा से बिल्लोचपुरा तक की रेलवे लाइन के करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में डब्ल्यू बीम मेटल पाइप की फेंसिंग की जाएगी। शीघ्र ही फेंसिंग का कार्य शुरू हो जाएगा।
- एनपी सिंह, स्टेशन निदेशक