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संकल्प : तीर्थनगरी में सींचा, कृष्णनगरी में खींचा आंदोलन का खाका

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महाकुंभ में संवाद के दौरान हुंकार भरते संत। - फोटो : mathura
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अमित मुद्गल
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण के जिस संकल्प को संतों ने तीर्थनगरी में सींचा, उसे कृष्णनगरी में पूरा करने की कवायद शुरू हो गई है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास ने इस मुहिम को जनांदोलन बनाने के लिए खाका खींचा है। त्रिस्तरीय अभियान चलाकर घर घर संवाद होगा जिसके लिए इसी माह से काम शुरू किया जाएगा। पांच करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से एक फरवरी को महाकुंभनगरी में महासंवाद का आगाज किया गया था। इसमें तमाम संतों ने भाग लिया और कहा कि जिस तरह से अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बन गया है, उसी तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा में भी भगवान कृष्ण का भव्य मंदिर बने। इसके लिए न्यास कानूनी लड़ाई तो लड़ ही रहा है पर साथ साथ भावनात्मक मोर्चे पर भी इसे एक आंदोलन बनाने की कवायद है।


न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक प्रयागराज में हुए महाकुंभ में जगद्गुरु स्वामी राजेश्वर माऊली व अन्य संतों ने इस मुहिम को तेज करने का एलान किया था। इसके लिए 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर काम शुरू करने पर सहमति बनी थी। इस योजना पर अब काम शुरू हो गया है।
अभियान से ज्यादा से ज्यादा सनातनियों को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सवा करोड़ लोगों के इस अभियान को समर्थन देने के लिए हस्ताक्षर कराए जा चुके हैं और लक्ष्य पांच करोड़ का रखा गया है। एडवोकेट महेंद्र प्रताप का कहना है कि भगवान के मूल गर्भगृह को तोड़कर ही मस्जिद का निर्माण किया गया है। इसे कैसे बर्दाश्त करें।

विशुद्ध मुद्दे से आंदोलन पर जोर
दरअसल, महाकुंभ में कई धर्मसंसद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़े बड़े दिग्गजों ने भाग लिया। इन सभी को जोरदार समर्थन भी मिला। इन सभी मेंं श्रीकृष्ण जन्मभूमि के साथ ही अन्य गई मुद्दों को भी जोरशोर से उठाया गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से आयोजित महासंवाद ऐसा रहा जिसमें अन्य मुद्दों को नहीं बल्कि पूरा फोकस श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण पर ही रहा। न्यास सदस्यों का कहना है कि अन्य मामले अपनी जगह हैं पर श्रीकृष्ण मंदिर का मुद्दा अलग है। इसलिए हम इस एक लक्ष्य को लेकर ही चल रहे हैं।
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तीन चरण में होगा काम
न्यास अध्यक्ष के मुताबिक इस आंदोलन के लिए महासंवाद की शुरुआत कुंभ संतों के सानिध्य में की जा चुकी है। अब यह तीन चरणों में चलाया जाएग। पहले चरण में गांव और कस्बे चिह्नित कर वहां महासंवाद करेंगे। दूसरे चरण में मुहल्लों में जाकर आयोजन होगा और तीसरा चरण सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसमें घर घर जाकर लोगों से संवाद किया जाएगा। उन्हें तथ्यों से अवगत कराया जाएगा।
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