बुधवार को सामाजिक दूरी के साथ प्राथमिक विद्यालय ने बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका।
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मथुरा। 11 महीने के बाद बुधवार से एक बार फिर स्कूल गुलजार हुए। शासन के निर्देश पर बुधवार से कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खुले, लेकिन बच्चों की उपस्थिति कम रही। इस दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाया गया। निजी से लेकर सरकारी स्कूलों में एक दिन पहले मंगलवार से ही तैयारियां शुरू हो गईं। सैनिटाइजेशन, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही सफाई का भी विशेष ध्यान रखा गया।
कई स्कूलों में बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए खास इंतजाम भी किए गए। हालांकि जनपद के अधिकांश प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम रही। इधर, प्राइवेट स्कूलों में भी बहुत कम बच्चे स्कूल पहुंचे। अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने में असमर्थता जताई। निजी स्कूलों ने अभी स्कूलों में 6 से 8 तक के बच्चों की पढ़ाई कराने में असमर्थता जताई है। स्कूल खोलने को लेकर यूपी सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार हर क्लास में 50 फीसदी स्टूडेंट्स ही मौजूद रहेंगे। गाइडलाइन के मुताबिक हर क्लास के दिन तय किए गए। सुबह 9 बजे स्कूल खुलते ही बुधवार कक्षा आठ तक के बच्चे स्कूल पहुंचे। यहां बच्चों को उचित दूरी पर बैठाया गया। बच्चों को बिना मास्क लगाए स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया।
शहर के चंपा अग्रवाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राकेश माहेश्वरी ने बताया कि लगभग ग्यारह माह के बाद स्कूल आए बच्चों में उत्साह देखा गया। इधर ,धालीप्याऊ स्थित पूर्व प्राथमिक विद्यालय की प्रधान अध्यापक अनुराधा शर्मा ने बताया कि विद्यालय में कक्षा आठ 17 बच्चे स्कूल पहुंचे। कान्हा माखन पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल यदुवंशी ने बताया कि अभिभावक अभी बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं हैं। रतनलाल फूल कटोरी कन्या विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. अनीता सिंह ने बताया कि बच्चे तो स्कूल आने को तैयार हैं लेकिन अभिभावक मना रहे हैं।