मथुरा। साढ़े तीन माह पूर्व सिंचाई विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर के खाते से १७ बार में निकाले गए फिक्स डिपॉजिट खाते से निकाली गई रकम ८.७७ लाख रुपये आरबीआई ने वापस कराए हैं, जबकि बचत खाते से निकले १.१० लाख रुपये वापस नहीं किए। इसमें आरबीआई ने पीड़ित की कमी दर्शाई। ओटीपी बताने के चलते जालसाजों ने यह रकम सेवानिवृत्त इंजीनियर के खाते निकाले थे।
शहर के माधवपुरी कॉलोनी निवासी सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर रामप्रसाद शर्मा का खाता भूतेश्वर स्थित इंडस इंड बैंक में है। इसमें बचत और फिक्स डिपॉजिट खाता है। ३ नवंबर २०२१ को इंजीनियर के पास जालसाज का फोन आया।
ओटीपी के जाल में फंसे इंजीनियर के खाते से जालसाजों ने दोनों खातों से ९.८७ लाख रुपये निकाल लिए। इसका मोबाइल पर मैसेज देखकर इंजीनियर दंग रह गए। इसकी शिकायत बैंक और कोतवाली पुलिस में की। बावजूद इसके इंजीनियर अपनी शिकायत बैंक के उच्चाधिकारियों के अलावा आरबीआई से भी की।
पूरे मामले की जांच जम्मू लोकपाल को सौंपी गई। जम्मू लोकपाल की जांच में इंजीनियर को २८ फरवरी २०२२ को आरबीआई ने बचत खाते में ८.७७ लाख रुपये डाल दिए। इसके अलावा बचत खाते से निकाली गई रकम १.१० लाख रुपये वापस नहीं किए। इसमें इंजीनियर की कमी को दर्शाते हुए इस रकम को वापस नहीं किया। रिटायर्ड इंजीनियर का कहना है कि दीवाली से पहले यह रकम निकाली गई तो बड़ा दुख हुआ। दीवाली तनाव में गुजरी, पर होली जरुर खुशी से मनाएंगे। उन्होंने जम्मू लोकपाल और आरबीआई का आभार भी जताया है।