अकरम ने बताया कि वह जन सुविधा केंद्र के साथ-साथ मोबाइल की दुकान भी करता है। उसकी दुकान पर जब कोई सिमकार्ड लेने आता है तो वह धोखे से उसके दो या तीन बार फिंगर स्कैन कर लेता है। इसके बाद वह उस व्यक्ति के आधार कार्ड की फोटो कॉपी करने के नाम पर कलर स्कैन फोटो कॉपी कर लेता है। इसके बाद आधार कार्ड पर किसी दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड तैयार किया जाता है। इसके साथ ही सिम लेने आए व्यक्ति के नाम पर फर्जी सिम भी निकाल ली जाती है।
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अकरम ने बताया कि तैयार फर्जी सिम को वह ऑनलाइन ठगी करने वाले लोगों को 4 से 5 हजार रुपये में बेचता है। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से अकरम किसी दूसरे जिले में बैंक से फर्जी खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड ले लेता था। अकरम फर्जी सिम को गांव विशंभरा में बेचने जा रहा था।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अकरम के पास से दो सौ फर्जी सिम बरामद की हैं, जिसमें 113 जियो की, 68 एयरटेल की, 18 वीआई की और 1 बीएसएनएल की है। इसके अलावा 6 आधार कार्ड, 5 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब उन आरोपियों की तलाश कर रही है जिनको अकरम सिम बेचने जा रहा था।
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