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मथुरा: अब हथियाबली से सटे रहीमपुर गांव में भी फैला बुखार

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गांव बेगमपुर में शिविर लगाकर जांच करती टीम। - फोटो : MATHURA
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फरह (मथुरा)। फरह ब्लॉक के गांव हथियाबली में कहर बरपाने के बाद बीमारी ने अब रहीमपुर गांव को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। मंगलवार रात बुखार से पीड़ित गांव की एक तीन वर्षीय बच्ची ने दम तोड़ दिया है। कई अन्य लोग भी बीमार हैं।
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कोह में 11 बच्चों को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। हथियाबली में दो बच्चियों की मौत हो चुकी है। मंगलवार रात अनिल की तीन वर्षीय पुत्री ईसू भी बुखार की भेंट चढ़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि बालिका को दो तीन दिन पूर्व बुखार आया था। लेकिन बीती रात बालिका की अचानक तबियत खराब हो गई। परिजन उसे विभिन्न अस्पतालों में ले गए, लेकिन सभी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। स्वास्थ्य विभाग ने अभी बच्ची की मौत की पुष्टि नहीं की है।
एंबुलेंस चालक की लापरवाही से दूसरी बहन ने तोड़ा दम
हथियाबली में दो दिन में बुखार दो सगी बहनों को निगल गया। तीसरी बहन की स्थिति गंभीर है। उसे स्वर्ण जयंती अस्पताल में भर्ती कराया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि दूसरी बेटी की मौत के लिए प्रथम दृष्टया एंबुलेंस चालक दोषी है। बीते दिन 10 वर्षीय सोनम ने बुखार में दम तोड़ दिया था। परिजन उसका गम नहीं भूले थे कि उसकी छोटी बहन सोनिया (7) ने भी मंगलवार की शाम को दम तोड़ दिया। लोगों का आरोप है कि डॉक्टर भी कम दोषी नहीं माने जा सकते, जिन्होंने सोनिया की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और सामान्य मरीजों की तरह दवा लिख दी।
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स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक डॉ. गोपाल गर्ग ने बताया कि वह खुद गांव के स्वास्थ्य शिविर में थे। वहां से बालिका को स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर किया था। एंबुलेंस के मेडिकल हेल्पर को स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराकर आने को बोला था। एंबुलेंस चालक उसे गेट पर ही छोड़ गया। केंद्र पर मौजूद डॉ. शिवकुमार से दवा लेने के बाद बालिका मां के साथ बिना बताए वापस गांव आ गई। अधीक्षक डॉ. गर्ग के अनुसार सोनिया को तेज बुखार था और वह कुपोषण का भी शिकार थी। रतन सिंह की दो लड़कियों की मौत के बाद गांव में सन्नाटा है। उसकी तीसरी लड़की खुशबू भी गंभीर है।
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