चौक बाजार स्थित जामा मस्जिद में आखिरी जुमे की नमाज अदा करते नमाजी।
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मथुरा। अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को मस्जिदों में अदा की गई। इस दौरान नमाजियों ने मुल्क की तरक्की और अमन चेन की दुआ मांगी। सड़कों पर कोई नमाजी नजर नहीं आया। पुलिस का कड़ा पहरा रहा। सभी ने मस्जिद परिसरों में ही नमाज पढ़ी। इसके चलते चौक स्थित जामा मस्जिद में भीड़ रही। नमाजियों के रास्तों पर वाहनों को रोक दिया गया।
शुक्रवार को कडे़ सुरक्षा पहरे के बीच रमजान के अलविदा जुमे की नमाज हुई। मुख्य रूप से चौक स्थित जामा मस्जिद में दोपहर १:३० बजे इमाम साजिदुल कादरी और फिर इसके बाद ईदगाह मस्जिद में मौलाना वाजिद ने दोपहर 2:20 बजे नमाज अदा कराई।
इस दौरान जामा मस्जिद और ईदगाह मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भी इन दोनों प्रमुख मस्जिद के आसपास अलविदा जुमे की नमाज के वक्त भ्रमण करते रहे।
जामा मस्जिद के आसपास इस बार सड़कों पर नमाज की अनुमति न मिलने के कारण भीड़ का दबाव मस्जिद में देखने को मिला। ईदगाह कमेटी के सचिव तनवीर अहमद और संयुक्त सचिव डॉ. अबरार हुसैन ने बताया कि जुमे की नमाज शाही ईदगाह मस्जिद में अदा की गई है। नमाज से पहले पढ़े जाने वाली अजान और खुतबा के लिए छोटे लाउडस्पीकर का प्रयोग किया गया, जिससे अजान और खुतबे की आवाज ईदगाह परिसर तक सीमित रहे।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र की मरकज वाली मस्जिद, मनोहपुरा की मस्जिद, सदर की गड्ढे वाली मस्जिद, जयसिंहपुरा, विष्णुपुरी मस्जिद, भूतेश्वर स्थित बाग काजियान वाली मस्जिद आदि में भी अलविद जुमे की नमाज अदा की गई। नवनीत नगर स्थित मस्जिद फैजान-ए-रजा में हाफिज इमरान ने नमाज अदा कराई गई। राया पठानपाड़ा की मस्जिद में हाफिज इस्लाम खान, मोमिन मस्जिद सुल्तानगंज की मस्जिद में हाफिज इसरार और जामा मस्जिद राया में हाफिज कमालू ने अलविदा जुमे की नमाज अदा कराई। नमाज के दौरान एक नमाजी बेहोश हो गया।