गोवर्धन (मथुरा)। आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित श्रीनाथजी मंदिर पर संत कन्हैया बाबा के सानिध्य में भक्तों ने गिरिराज पूजा महोत्सव मनाया। भक्तों ने गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की। छप्पन भोग का आयोजन किया।
गोवर्धन के अलावा नंदगांव, बरसाना, राधाकुंड, जतीपुरा, आन्यौर आदि क्षेत्रों के ब्रजवासियों ने भी पहुंच कर पूजा-अर्चना की। पं. गया प्रसाद के शिष्यसंत कन्हैया बाबा ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के कोप से बचाने के लिए हरदेव जी पर गिरिराज पर्वत को धारण किया, उसके बाद ब्रजवासियों ने मिलकर पड़वा के दिन आन्यौर स्थित श्रीनाथ प्राकट्य स्थल पर छप्पन भोग लगा कर गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की थी। तब से ही गिरिराज पूजा महोत्सव की परंपरा इसी प्रकार अनवरत चली आ रही है।
नंदगांव से आए ब्रजवासी लोकेश गोस्वामी ने बताया कि जिन ब्रजवासियों को गिर्राज महाराज की पूजा की तिथि का ज्ञान है, वह सभी यहां महोत्सव में उपस्थित रहते हैं।
गिरिराज मुकुट मुखारबिंद दसविसा ब्राह्मणान ने निकाला गिरिराज जी का डोला
गिरिराज मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा दसविसा द्वारा मंगलवार रात आठ बजे कोरोना महामारी के कारण मंदिर प्रांगण में ही गिरिराज जी का डोला निकाला गया। होली गायन के साथ हुए कार्यक्रम में धूमधाम से उत्सव मनाया गया।
गिरिराज जी का डोला दसविसा ब्राह्मण समाज के लोगों ने समाज गायन कर मंदिर प्रांगण में निकाल कर परंपरा को कायम रखा। दसविसा ब्राह्मण समाज के लोग सायं 5 बजे गिरिराज मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा पर एकत्रित हुए और ढप, ढोल, नगाड़े के साथ समाज गायन किया। रात को गिरिराज मुकुट मुखारबिंद से ठाकुर जी का डोला प्रारंभ हुआ। इस मौके पर फूलों की वर्षा की गई। डोला से पहले मंदिर रिसीवर रमाकांत गोस्वामी द्वारा दर्शनार्थियों एवं समाज के लोगों को प्रसाद वितरण कराया। पं. नृत्यगोपाल शर्मा, मनोज शर्मा, जैकी शर्मा अर्जुन पुजारी, सतीश भैय्या, लखन शर्मा आदि उपस्थित रहे।