मथुरा। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने ब्रजवासियों को गंगा दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मथुरा-वृंदावन में गिरने वाले सभी 35 नालों की टैपिंग का कार्य इस साल 31 अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद एक भी बूंद गंदा पानी यमुना में नहीं गिरेगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश की नदियों को निर्मल करने के संकल्प की दिशा में योगी सरकार तेजी से कार्य कर रही है। मथुरा-वृंदावन में 35 नाले यमुना में गिरते हैं। इनमें से 20 नालों को बंद करने का कार्य पूरा हो गया है। 7 नाले आंशिक रूप से बंद किए जा चुके हैं और 8 नालों को बंद करने का काम शुरू होना है। आंशिक रूप से बंद 3 नालों और 7 खुले नालों में जैविक उपचार (बायोरेमेडिएशन) प्रक्रिया की जा रही है।
इससे यमुना में गिरने पर गंदगी से प्रदूषण का खतरा कम हो। शेष 5 नालों में भी यह प्रक्रिया अगले हफ्ते से शुरू हो जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बंगाली घाट पर पंपिंग स्टेशन और मसानी में 30 एमएलडी के एसटीपी प्लांट का कार्य पहले ही पूरा हो जाना था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार यमुना के शुद्धिकरण के लिए संकल्पबद्ध है। घाटों और यमुना की स्वच्छता के लिए श्रद्धालुओं व ब्रजवासियों के निरंतर सहयोग से यमुना का पौराणिक स्वरूप लौटेगा।