यमुना छठ के पूर्व दिवस पर स्वामी घाट पर यमुना में प्रवाहित होता सीवर का पानी
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मथुरा। यमुना जन्मोत्सव का पर्व रविवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। राजनीतिक, गैर राजनीतिक लोग यमुना का पूजन कर शुद्घिकरण का संकल्प भी लेंगे। लेकिन सही मायने में यह संकल्प दिखावा साबित हो रहा है। वर्षों से न जाने कितने ही संकल्प यमुना शुद्घिकरण के लिए यमुना किनारे खड़े होकर लिए गए, लेकिन यमुना आज भी मैली की मैली है। हजारों टन कचरा और सीवर का पानी यमुना में गिर रहा है।
यमुना में गिर रही गंदगी प्रशासन व नगर निगम को दिखाई नहीं दे रही है। यमुना छठ की पूर्व संध्या पर यमुना के किनारे यात्राएं निकाली गईं। दूसरी ओर स्वामीघाट पर नाला ओवर फ्लो होकर सीधे यमुना में समा रहा था। गंदगी को यमुना में गिरते देख भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची। तीर्थ पुरोहित महासंघ के ब्रज मंडल महामंत्री पंडित अमित भारद्वाज ने कहा कि यमुना शुद्घिकरण के नाम पर जो हो हल्ला किया जा रहा है, यहां की स्थिति का देखकर सब बेमानी है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि रविवार को यमुना छठ पर्व है, लेकिन शनिवार को सीवर का पानी कई स्थानों से यमुना में गिर रहा है।
विश्व धर्म रक्षक दल के अध्यक्ष विजय चतुर्वेदी ने शहर के नालों का पानी सीधे यमुना में गिरने पर रोष जताते हुए आरोप लगाया है कि सीवेज ट्रीटमेंट की आड़ में बड़ा घोटाला हो रहा है। प्लांट डीजल की कमी के चलते काम नहीं कर रहे। चोरी छिपे यमुना में गंदा पानी गिराया जा रहा है।