अस्पताल में निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों से जानकारी लेते नोडल अधिकारी मयूर माहेश्वरी।
- फोटो : MATHURA
फरह/मथुरा। जनपद में बुखार की अनियंत्रित होती स्थित पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी को देखते हुए शासन से दूत के रूप में आए नोडल अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने शनिवार को प्रभावित गांवों का दौरा किया। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ उन्होंने कोह में पीड़ित परिवारों से मुलाकात भी की। जिला मुख्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं का भी जायजा लेते हुए कोविड हॉस्पिटलों में फिलहाल डेंगू से निपटने के इंतजाम करने के निर्देश भी दिए। डीएम ने इस स्थिति के लिए सीएमओ के खिलाफ डीओ (अर्द्धशासकीय पत्र) लिख दिया है। इससे स्वास्थ्य अधिकारियों में हड़कंप है। अब विभिन्न जांचों में 60 मरीज डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई है।
शनिवार को मुख्यमंत्री के दूत और जनपद के नोडल मयूर माहेश्वरी प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ कोह गांव पहुंचे। यहां डेंगू पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों को सांत्वना देते हुए अधिकारियों को गांव में दवा छिड़काव और साफ-सफाई के सख्त निर्देश दिए। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बीमारी पर जल्द नियंत्रण होगा। स्वर्ण जयंती अस्पताल में 20 बेड निर्धारित करा दिए गए हैं। वृंदावन स्थित रामकृष्ण मिशन अस्पताल और केडी मेडिकल कॉलेज में बेड निर्धारित कराने के लिए डीएम से कहा गया है। उन्होंने मृतकों की सूची भी स्वास्थ्य विभाग से मांगी है।
इसके बाद नोडल मयूर माहेश्वरी ने मथुरा जिला अस्पताल और वृंदावन संयुक्त जिला अस्पताल में बनाए गए डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। इससे पूर्व कलक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बुखार से उत्पन्न स्थिति को लेकर समीक्षा की। सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री खुद निगरानी कर रहे हैं। कोविड के हास्पिटलों का उपयोग डेंगू के उपचार के लिए किया जाए। इधर, डीएम नवनीत कुमार चहल ने सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता के खिलाफ डीओ लेटर शासन को लिख दिया है। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
अब टैंटीगांव में एक वर्षीय बच्चे की बुखार से मौत
टैंटीगांव में एक वर्षीय बच्चे की बुखार के चलते मौत हो गई। गांव निवासी जगमोहन बघेल के एक वर्षीय पुत्र मोहित को दो दिन पूर्व बुखार आया था। परिवार के अनुसार बुखार आने पर उसे मथुरा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन उपचार के दौरान जब बच्चे की गंभीर हालत देख परिजन उसे अलीगढ़ ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।