वृंदावन (मथुरा)। विश्वविख्यात ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के मंदिर के लिए प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में एवं नव मंदिर निर्माण के समर्थन में जनसहभागिता निरंतर बढ़ती जा रही है। व्यापारी वर्ग, गोस्वामी समाज, अन्य मंदिर-देवालयों के सेवायत, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और राजनीतिक दलों के नेता खुलकर कॉरिडोर के निर्माण पर विरोध दर्ज करा रहे हैं। साथ-साथ सेवायतगण व प्रबुद्धजन कॉरिडोर के विकल्प में ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी महाराज के विशालतम भव्य नवीन मंदिर का निर्माण कराए जाने के पक्ष में हैं।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत आनंद बिहारी गोस्वामी, नरेंद्र किशोर गोस्वामी, एडवोकेट हिमांशु गोस्वामी, विशाल बिहारी गोस्वामी, अनंत बिहारी गोस्वामी, लालबिहारी गोस्वामी, मयूर बिहारी गोस्वामी, ऋषि गोस्वामी, प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी, संयम गोस्वामी आदि सेवायतों ने आराध्य प्रभु के नए मंदिर निर्माण की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। सेवायतों ने नए मंदिर के निर्माण से होने वाले लाभ गिनाते हुए कहा कि इससे पुराण वर्णित वृंदावन धाम का प्राचीन स्वरूप सुरक्षित रहेगा। नगर में ही नई जगह मंदिर बनने से तीर्थयात्रियों को सुगमता पूर्वक दर्शन भी सुलभ होंगे। साथ ही ठाकुरजी का संचित कोष भी बचेगा व ब्रजवासियों के आशियाने भी नहीं उजडे़ंगे।
ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री, गृहमंत्री तथा मुख्यमंत्री से नवमंदिर निर्माण का आग्रह करते हुए ठाकुरजी के सेवायत एवं इतिहासकार आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि श्रीबांकेबिहारीजी के लिए नया मंदिर बनने से नगर की पुरातन धरोहरें व ऐतिहासिक संपत्तियां अपने वास्तविक स्वरूप में बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब तक सात मर्तबा नए मंदिर में दर्शन दे चुके ठाकुरजी के लिए आठवीं बार नया मंदिर बनाना जनहित में सही होगा।
कनकधारा फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ. लक्ष्मी गौतम ने कहा कि नियोजित तरीके से नए मंदिर का निर्माण होने पर समग्र रूप में नगर विकास संभव हो सकेगा। स्वामी अखंडानंद सरस्वती पुस्तकालय के अध्यक्ष स्वामी सेवानंद महाराज ने कहा कि कॉरिडोर बनाने से समस्या का हल नहीं होगा, नया मंदिर बनाना ही सर्वोत्तम उपाय है।