मथुरा। एक्सप्रेसवे पर हत्या करके चलती गाड़ी से फेंके गए दो बच्चों की शिनाख्त करने में पुलिस नाकाम रही है। ७२ घंटे बाद शनिवार को दोनों बच्चों के शवों का वीडियोग्राफी के मध्य दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया गया। दोनों बच्चों की पहचान के लिए कपड़े आदि सामान को सुरक्षित रखा गया है।
दो नवंबर को कोतवाली सुरीर पर एक्सप्रेसवे के माइल स्टोन-७८ और थाना नौहझील के माइल स्टोन-७४ पर दोनों बच्चों के शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। ७८ पर करीब १३ साल के बच्चे का शव कंटीले तारों पर उलटा लटका हुआ था तो ७४ पर सात साल के बच्चे का शव जमीन पर मिला था। शरीर, चेहरे और सिर में चोटों के गंभीर निशान भी मिले थे। सुरीर और नौहझील पुलिस दोनों अज्ञातों को शिनाख्त करने में नाकाम रही।
दिल्ली एनसीआर में भी तलाश की गई, पर कोई भी पहचान नहीं हो सकी। आखिरकार शनिवार को ७२ घंटे बीत जाने के बाद दोनों अज्ञात बच्चों का पोस्टमार्टम कर दिया गया। एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि ७२ घंटे होने के बाद दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कर दिया गया। वीडियोग्रोफी के मध्य दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। इसके बाद दोनों का अंतिम संस्कार भी करा दिया गया है। फिलहाल दोनों की पहचान के लिए कपड़े आदि सामान को रखा गया है। पुलिस की टीमें लगातार दोनों की शिनाख्त में जुटी हुई हैं।