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मथुरा: कोरोना: अवैध लैब की जांच बन रही समस्या, नहीं आ रहे स्पष्ट आंकड़े

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मथुरा। जनपद में कोरोना के बढ़ते मामलों में शहर में जहां तहां चल रहीं अवैध पैथोलॉजी का योगदान भी कम नहीं है। इन लैबों से जांच कराकर पॉजिटिव आया व्यक्ति स्वयं को भले ही आइसोलेट कर लेता हो लेकिन उसके संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग करना असंभव हो रहा है। वहीं सरकार के कोरोना मीटर में उस व्यक्ति का नाम भी नहीं जुड़ रहा है। जिसके चलते कोरोना की पूर्ण व स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आ पा रही है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया है।
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सूत्र बताते हैं कि शहर की कई लैब लोगों की कोरोना की जांच कर रहीं हैं। सरकारी गाइडलाइनों को दरकिनारे किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शहर के आगरा रोड स्थित लैब का सामने आया है। जहां 13 अप्रैल को एक व्यक्ति ने अपनी कोरोना जांच कराई। सुबह जांच कराने के बाद शाम को आरटीपीसीआर रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। जबकि इस व्यक्ति का नाम स्वास्थ्य विभाग की कोरोना संक्रमित लोगों की सूची में नहीं है। अब सवाल उठता है कि संक्रमित की कांटेक्ट ट्रेसिंग स्वास्थ्य विभाग कैसे कर सकेगा।
पैथोलॉजी द्वारा कोरोना जांच किए जाने के सवाल पर नोडल अधिकारी डॉ. पीके गुप्ता भड़क गए और बोले कि मुझे क्या पता कौन जांच कर रहा है। जो लोग कोरोना की जांच कराने को अधिकृत हैं उनसे पूछिये। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मुनीश पौरुष ने भी अपनी जिम्मेदरियों से पल्ला झाड़ दिया। आश्चर्यजनक बात यह रही कि जिम्मेदार अधिकारियों ने अवैध लैब का नाम जानने का भी प्रयास नहीं किया।
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हमें इस संबंध को कोई जानकारी नहीं है। कोई शिकायत मिलेगी तो लैब के खिलाफ कार्रवाई होगी। याद रहे, जनपद में लाल पैथोलॉजी लैब को ही कोरोना की जांच के लिए अधिकृत कर रखा है।
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- डॉ. रचना गुप्ता, सीएमओ
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