वृंदावन (मथुरा)। जागते ही आंखें मलने लगे लोग, आसमान में छाई धुंध, वृंदावन में सबसे ज्यादा प्रदूषण जैसे समाचारों को अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसे आधार बनाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद कृष्ण शुक्ला एडवोकेट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मामले की अपने ट्विटर एकाउंट से शिकायत की थी।
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्रा सहित डीएम मथुरा को उनके ट्विटर एकाउंट पर जगह-जगह आग जलाकर कूड़ा निस्तारण की शिकायत की।
शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा देश में दूसरे स्थान पर सबसे अधिक प्रदूषित रह चुके शहर वृंदावन के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ को इसकी जांच सौंपी है, साथ ही मथुरा-वृंदावन में बढ़ते प्रदूषण पर कार्रवाई करने एवं संदर्भ सहित कार्रवाई से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को अवगत कराने के लिए भी कहा है।
प्रहलाद कृष्ण ने बताया कि बीते 8 नवंबर को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा एक सूची जारी की गई थी, जिसमें देश भर के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में वृंदावन देश का दूसरे स्थान पर था, यह चिंता का विषय है। जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 475 स्तर तक पहुंच गया, जो कि खतरे के निशान के काफी बाहर घातक स्तर पर है। बिगड़ी हवा के पीछे मुख्य कारण लगातार कूड़े में आग लगना, हरे पेड़ों का कटना, ट्रैफिक जाम, बढ़ते कंक्रीटाइजेशन, अनियोजित नगर नियोजन, धूल कणों की मौजूदगी एवं गैरकानूनी तौर पर होने वाली आतिशबाजी है।
उन्होंने बताया कि विभागीय लापरवाही के चलते वृंदावन में प्रदूषण को मापने के इंतजाम काफी अच्छे नहीं हैं, इन्हें दुरुस्त कराने के लिए विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।