हालांकि टीम का नेतृत्व कर रहे आशुतोष शुक्ला को विभागीय अधिकारियों ने बाद में अधिशासी अभियंता और कैशियर की गैर मौजूदगी का कारण बताते हुए मांगे गए रिकॉर्ड उपलब्ध कराए। इससे एक बार फिर ऑडिट की प्रक्रिया शुरू हो गई।
महालेखाकार प्रयागराज की टीम द्वारा किए जा रहे इस ऑडिट में कुछ बड़ी परियोजनाओं में स्वीकृत बजट के बाद अतिरिक्त खर्च, वाउचर भुगतान और वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में हुए भुगतान की ऑडिट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्माया हुआ है।