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UP: शराब के ठेके पर अचानक टूट पड़ी महिलाओं और पुरुषों की भीड़, बुलानी पड़ गई पुलिस; जानें क्या हुआ

Sat, 07 Feb 2026 02:42 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा के बलदेव क्षेत्र के गांव दघेंटा में कंपोजिट शराब के ठेके पर अचानक ही महिलाओं और पुरुषों की भीड़ टूट पड़ी। ये देख ठेका कर्मचारियों के होश उड़ गए। आक्रोश को देखते हुए पुलिस बुला ली गई। 
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ठेके पर जुटी महिलाएं - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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मथुरा के बलदेव क्षेत्र के गांव दघेंटा में कंपोजिट शराब के ठेके को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। देशी शराब, बीयर और अंग्रेजी शराब की बिक्री वाले इस ठेके के गांव की बस्ती के पास होने तथा बालिकाओं व महिलाओं के आने-जाने के दौरान अभद्रता की घटनाओं से नाराज सैकड़ों महिलाओं, युवतियों और पुरुषों ने आपत्ति जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
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ग्रामीणों का ये है कहना
ग्रामीणों का कहना है कि ठेके के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। आने-जाने वाली छात्राओं, महिलाओं और बच्चियों के साथ अभद्रता व बदतमीजी की घटनाएं हो चुकी हैं। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेका हटवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चियां और पुरुष शामिल रहे।

ठेका हटाने की मांग
प्रदर्शन में स्थानीय निवासी अतर सिंह, डीलर गिरवर सिंह, गुड्डू सिंह, श्वेता सिंह, ओमवीर, गिर्राज प्रधान, कंजा, जेनी, पप्पू, भातू, परशुराम, संजय, शीला, सुनीता, गीता, सीमा, नीरज, रूपेश, नीतू, सुमन सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से ठेका हटाने की मांग की।

 

पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझाया
थानाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे और ठेके को गांव से दूर स्थानांतरित करने की मांग करते रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक ठेका यहां से नहीं हटेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

 
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महिलाओं ने ये कहा
महिलाओं ने आरोप लगाया कि ठेकेदार के समर्थन में उतरे कुछ लोगों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जाटव समाज के लोगों को गालियां दीं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब मजदूर और दिहाड़ी मजदूर शराब की लत में बर्बाद हो रहे हैं। घरों से पैसे निकालकर शराब पीने की आदत पड़ गई है, जिससे परिवारों में रोजाना झगड़े और कलह हो रही है।

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