रोडवेज बस स्टैंड कार्यशाला में खड़ी बसें।
मथुरा। लगातार हो रही बारिश परिवहन निगम के लिए मुसीबत बन गई है। नए बस स्टैंड, पुराने बस स्टैंड स्थित अंडरपास के अलावा देहात के मार्गों पर हुए जलभराव में बसें आधी डूबने से उनमें तकनीकी खराबी आ गई है। इससे मार्गों पर इनके फेरे कम हो गए हैं। वहीं यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
नए बस स्टैंड के स्टेशन अधीक्षक संतोष अग्रवाल ने बताया कि बारिश के कारण जगह-जगह अंडरपास में हुए जलभराव में 6-7 बसें डूबने से इनमें तकनीकी खराबी आ गई है, जिन्हें सही कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न रूटों पर बसें कम चल पा रही हैं। इनमें छाता, कोसीकलां, नौहझील, सौंख आदि मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि डिपो से 160 बसों का संचालन अलग-अलग शहरों के लिए होता है लेकिन वर्तमान में 130 बसों का ही संचालन हो रहा है। एआरएम मदन मोहन शर्मा ने बताया कि कुछ बसों में तकनीकी खराबी आ गई है। चालक और परिचालक को निर्देश दिए गए हैं कि जिस मार्ग पर बस के कम फेरे हुए हैं, वहां पर फेरे बढ़ाए जाएं।
शुक्रवार को छाता जाने के लिए नए बस स्टैंड पर काफी देर तक बस का इंतजार किया। जब कोई बस नहीं आई तो फिर ऑटो से घर तक आए।
- भगत सिंह, छाता
छाता से मथुरा कुछ सामान लेने के लिए आए थे लेकिन यहां नए बस स्टैंड से छाता जाने वाली बस 1 घंटे तक नहीं आई इसके बाद ऑटो से ही घर जाना पड़ा।
- दीपक, छाता