मथुरा, बरसाना, नंदगांव और बलदेव सहित अन्य कस्बों के मंदिरों में आराध्य को पीत वस्त्र पहनाकर शृंगार किया और गुलाल सेवित किया। द्वारिकाधीश मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रीकेशवदेव महाराज पर गुलाल उड़ाया गया।
श्यामा श्याम सलोनी सूरत को शृंगार वसंती है... किशोरी श्याम सलोनी सूरत को शृंगार वसंती है। माथे चंदन लसियो वसंती, पट पीतांबर कसियो वसंती... रविवार को यह गीत यहां के मंदिरों में गूंजे तो भक्त सुध-बुध भूलकर आराध्य की छवि में ही खो गए। इस दौरान मंदिरों में डांढ़ा गाड़ने के साथ ही ब्रज की विश्व विख्यात होली का रंगारंग आगाज हो गया।
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मथुरा, बरसाना, नंदगांव और बलदेव सहित अन्य कस्बों के मंदिरों में आराध्य को पीत वस्त्र पहनाकर शृंगार किया और गुलाल सेवित किया। द्वारिकाधीश मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर श्रीकेशवदेव महाराज पर गुलाल उड़ाया गया। ब्रज में वसंत पंचमी से होली की धूम शुरू हो जाती है, जो अगले 40 दिन तक चलती है।
इसके मद्देनजर परंपरागत रूप से डांढा गाड़ा गया। मंदिरों में सेवायतों ने अपने आराध्य के कपोलों पर लाल गुलाल लगाकर शृंगार किया, वहीं चांदी के थालों में सजाकर उन्हें गुलाल सेवित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं पर गुलाल की बौछार की गई। इससे पूरा मंदिर परिसर गुलाबी हो गया। रंगों से सराबोर भक्त राधे-राधे करते नाचने लगे।
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर में आज से होली का आगाज
सोमवार को श्रीबांकेबिहारी मंदिर में डांढ़ा गड़ने के बाद होली का आगाज होगा। 40 दिन तक विभिन्न दिनों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। ठाकुरजी भक्तों के साथ होली खेलेंगे। सेवायत गोस्वामी आराध्य को गुलाल सेवित करेंगे। उनके कपोलों पर गुलाल लगाएंगे। वहीं आरती के बाद श्रद्धालुओं पर गुलाल बरसाया जाएगा। राधावल्लभ मंदिर में होली के पदों का गायन किया जाएगा। सेवायतों ने तैयारियां पूरी कर लीं हैं।