दान के महापर्व मकर संक्रांति पर भोर से ही यमुना में स्नान शुरू हो गया। हर घाट यमुना मैया के जयकारों से गुंजायमान रहा। स्नान के बाद लोगों ने खिचड़ी का दान किया। शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर खिचड़ी वितरित की गई। मंदिरों पर भी भक्तों की भारी भीड़ रही। जरूरतमंदों में गर्म कपड़े वितरित किए गए।
शनिवार को कड़ाके की सर्दी में तड़के ही भक्त यमुना के घाटों पर पहुंच गए। जयकारों के साथ यमुना में डुबकी लगाई। दिल्ली, गुड़गांव, मेरठ, गाजियाबाद, फरीदाबाद, पलवल, अलीगढ़, आगरा, भरतपुर और आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना में विश्राम घाट पर स्नान किया और दान का संकल्प लिया। यमुना किनारे बने यमराज मंदिर में काले तिल, काले उड़द, चावल, खिचड़ी और 14 तरह के अनाज, 14 वस्तुओं का दान किया गया। द्वारिकाधीश मंदिर में विशेष दर्शन हुए और खिचड़ी प्रसाद बांटा गया।
पूरे शहर में तिराहे, चौराहे, गली-मोहल्लों और प्रमुख बाजारों में जगह-जगह खिचड़ी, रेबड़ी, गजक, मूंगफली, तिल के लड्डू का वितरण किया गया। होलीगेट, डैंपियर नगर चौराहा, गौड़ीयमठ मंदिर, कैंट काली मंदिर, कृष्णानगर, भूतेश्वर तिराहा, जिला अस्पताल, जनरल गंज, राधेश्याम आश्रम, क्वालिटी तिराहा, बगलामुखी मंदिर, पुराना बस अड्डा, नया बस अड्डा, हनुमान मंदिर आदि स्थानों पर खिचड़ी भंडारे हुए।