संघ की बैठक के दौरान अंदर जाने वाले लोगों की जांच-पड़ताल करते पुलिसकर्मी।
वृंदावन (मथुरा)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ढांचागत व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केशव धाम में संघ प्रमुख की अध्यक्षता में चल रही अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक में संघ को और सशक्त बनाने, जन-जन तक पहुंचाने पर मंथन किया गया। रूठे हुए स्वयंसेवकों को मनाया जाएगा। प्रांत प्रचारकों को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी एवं संभाग स्तर पर प्रचारक बनाए जाएंगे। इस पर मार्च माह से संघ देशभर में बड़े स्तर पर कार्य करने जा रहा है।
बृहस्पतिवार को केशव धाम में तीन सत्रों में दिनभर चली बैठक की अध्यक्षता संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की। इसमें केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ प्रांत प्रचारक भी शामिल हुए। बैठक में संगठन के विस्तार और प्रभावी कार्यशैली के साथ ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य को आगे रखते हुए लोगों के बीच संघ की विचारधारा को पहुंचाने पर बल दिया जिससे अधिक से अधिक लोग संघ से जुड़ सकें। संगठन के विस्तार पर जोर देते हुए आगामी मार्च माह से संघ की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है।
प्रांत प्रचारक का पद खत्म कर प्रदेश स्तर पर प्रचारक बनाए जाएंगे। उनके कार्य क्षेत्रों में बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा अब संभाग स्तर पर प्रचारक बनाए जाएंगे। संघ के इस ढांचागत बदलाव के पीछे संघ का मानना है कि निचले स्तर पर प्रचारक बनाकर वह बस्तियों, मोहल्लों में अधिक सक्रिय रहकर अधिक से अधिक लोगों को संघ से जोड़ सकेंगे। इसके अलावा जो लोग संघ में थे लेकिन किसी कारण रूठ गए हैं या फिर संघ से दूरी बना ली है, ऐसे लोगों को मनाकर फिर से संघ में लाया जाएगा। जो स्वयंसेवक निष्क्रिय हैं उन्हें सक्रिय किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय पदाधिकारियों ने प्रचारकों को दी है, जो कि मार्च में बस्तियों में जाकर संघ को सशक्त बनाने का कार्य करेंगे।