मथुरा। इन दिनों रजबहा और माइनरों में पानी नहीं आ रहा है। उधर, तेज पछुआ हवाओं से गेहूं के खेतों की नमी गायब हो रही है। किसान पानी के लिए रजबहा की तरफ टकटकी लगाए बैठे हैं।
जिले में रबी सीजन में गेहूं की 1.88 लाख हेक्टेयर में गेहूं की और आलू की 16 हजार तथा सरसों की 52 हजार हेक्टेयर में बुवाई की गई है। फरवरी माह में धूप चटक खिलने से तापमान बढ़ गया है। गेहूं की सिंचाई के लिए किसान पानी का इंतजार कर रहा है।
सिंचाई विभाग के दो खंडों की शाखाएं जिले से निकलती हैं। ऐसे में अपर खंड आगरा नहर में यमुना का पानी 15 रजबहा और 65 माइनरों में आता है तो दूसरी तरफ मांट शाखा खंड में गंगा का पानी 12 रजबहा और 37 माइनरों में पहुंचता है, जिससे 10 ब्लाॅकों के किसान खेतों में पानी से फसल की सिंचाई करते हैं लेकिन इस समय अपर खंड के कई माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है और मांट शाखा के माइनरों में तो 10 जनवरी से पानी किसानों को नहीं मिल रहा है।
ऐसे में किसान अब गेहूं की फसल में पानी लगाने के लिए परेशान हो रहा है। किसानों को अब निजी नलकूपों का सहारा लेकर फसलों की सिंचाई करनी पड़ेगी। किसानों ने बताया कि दिन का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। तेज धूप के कारण खेतों की नमी गायब हो रही है। उधर नहरों में एक माह से पानी नहीं आ रहा है। इससे गेहूं की सिंचाई करने के लिए किसान परेशान हैं।
समिति और निजी दुकानों पर यूरिया नहीं
जिले की पांच तहसीलों में कई सहकारी समितियों पर यूरिया खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। बाजारों में भी दुकानदारों के पास यूरिया खाद गायब है जिससे किसान गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव नहीं कर पा रहा है। मांट और छाता तहसील के किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों से की है। किसान बबलू चौधरी ने बताया कि निजी दुकानों पर भी यूरिया नहीं मिल रही है। समिति पर खाद लेने गए तो वहां पर सचिव के साथ स्टाफ नहीं मिला। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई बार स्टेट बैंक चौराहे के पास बनी सहकारी समिति पर गए लेकिन वहां पर उन्हें खाद नहीं मिली।
किसान यूनियन, पानी व खाद की कर रहे मांग
भारतीय किसान यूनियन सुनील के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन चतुर्वेदी ने बताया कि वह कई माइनरों में पानी और सहकारी समितियों पर यूरिया की मांग जिलाधिकारी से कर चुके हैं लेकिन अभी तक मांट शाखा नहर में पानी नहीं आया है। किसानों को तहसील क्षेत्र में समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। ऐसे में किसान गेहूं की फसल के लिए चिंतित हैं।
वर्जन
अपर खंड की रजबहा और माइनरों में पानी यमुना का आ रहा है अगर किसी क्षेत्र के माइनर में पानी नहीं जा रहा है तो इसकी जानकारी कर किसानों को पानी दिलवाया जाएगा।
- नवीन कुमार, एक्सईएन अपर खंड नहर
जिले में यूरिया खाद उपलब्ध है अगर किसी समिति या निजी दुकानों पर किसानों को खाद नहीं मिल रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
- अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी