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यहां देवी भरोसे है भक्तों की सुरक्षा

Sun, 10 Apr 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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श्रद्धालु
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केरल में मंदिर में हुए अग्निकांड में 100 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत से आम लोग भी सहम गए हैं। जबकि ब्रज में साल के 12 महीने तीज त्योहार और विशेष पर्व पर लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है, यहां अधिकांश मंदिरों में भक्तों को नियंत्रित करने के कोई उपाय नहीं है।
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पुलिस बल की मौजूदगी किसी-किसी मंदिर में सिर्फ औपचारिकता तक सीमित है। खासकर अग्निरोधी इंतजाम न होने से मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की जान को खतरा बना रहता है।

इन दिनों नवरात्र के दौरान देवी मंदिरों में भीड़ उमड़ रही है। नरी सेमरी, राया, नंदगांव, जलालपुर सहित विभिन्न स्थानों पर देवी मेला का आयोजन किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्थाएं देवी के भरोसे है।
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मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और आसपास के इलाके में आए दिन किसी न किसी विशेष धार्मिक आयोजन, पर्व, भागवत, रामकथा, सत्संग, प्रवचन आदि होते रहते हैं। साथ ही बड़े संतों के आगमन पर लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। यहां इन लोगों की सुरक्षा के लिए मंदिरों में आयोजक सुरक्षा और अग्निरोधी इंतजाम नहीं कर रहे हैं। 

राया में लगता है आतिशबाजी का मेला
केरल के कोल्लम में हुए हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसके लिए एलआईयू राया मेला की रिपोर्ट तैयार कर रही है। बताते चलें कि राया के गणेशबाग में माता मनकामेश्वरी देवी मंदिर पर आतिशबाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। यहां दूर दराज से लाखों श्रद्धालु आतिशबाजी देखने और दर्शन पूजा को आते हैं।

मेला आयोजन स्थल पर ही आतिशबाजी लगाई जाती है। इसी स्थान पर खडे़ होकर लोगों की भीड़ इस आतिशबाजी का आनंद लेती है। थाना प्रभारी ने बताया कि मेले में हर बिंदु पर नजर रखी जा रही है। इसके संबंध में पूर्व में भी मेला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यक्रम तय कर चुके हैं। गोपालबाग में तीन दिन अधिक भीड़ रहती है। गणेश बाग में नवमी वाले दिन भक्तों की संख्या अधिक होती है। इसके लिए पूरी तैयारी है।

बलदेव मंदिर में नहीं फायर सेफ्टी के इंतजाम
बलदेव। ब्रज के राजा और श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ के मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। मंदिर में हुरंगा से लेकर दाऊजी मेला और विभिन्न अवसरों पर खासी भीड़ रहती है, लेकिन मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। मंदिर में आग पर काबू पाने के लिए भी इंतजाम नहीं है। आग लगने की घटना पर निकट बने क्षीर सागर से ही पानी लेकर काबू पाया जाता है। कस्बा से पांच किलोमीटर दूर बनी महावन तहसील में फायर ब्रिगेड की यूनिट भी नहीं है।

राधारानी मंदिर की सुरक्षा में सिर्फ चंद सिपाही
बरसाना। बरसाना की पहाड़ी पर बने विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में राधाष्टमी, लठामार होली और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आदि अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। नवरात्र के दौरान भी यहां भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से सुरक्षा व्यवस्था बहुत कम है। मंदिर परिसर में अग्निशमन के नाम पर कोई इंतजाम नहीं है। इसमें प्रवेश द्वार पर सुरक्षाकर्मी नहीं रहते। पहाड़ पर पानी के इंतजाम नहीं हैं और रास्ता भी सीढ़ियों का है।

नरी सेमरी मेले में पुख्ता सुरक्षा 
नरी-सेमरी देवी मेला में चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। मेले में पुलिस और प्रशासन ने चुस्त-दुरुस्त व्यवस्थाएं करने का दावा किया है।
मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम रामअरज यादव और सीओ पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेले में सौ सिपाही, 30 सब इंस्पेक्टर, 20 एचसीपी, 16 एसीपी, चार महिला कांस्टेेबल, 20 होमगार्ड, चार ट्रैफिक पुलिस के जवान लगाए गए हैं। सादा वर्दी में 12 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। मेला परिसर और मंदिर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
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