मथुरा। श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली ब्रज क्षेत्र एक बड़े वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य की नई औद्योगिक नीति, आधुनिक बुनियादी ढांचे और बढ़ती पर्यटक संख्या ने विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित किया है। पिछले चार सालों में जिले को रसद, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्रों में 41,351 करोड़ रुपये के निवेश प्राप्त हुए हैं।
इनमें 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में विदेशी निवेशकों और प्रवासी भारतीयों का योगदान है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, चार साल में 376 समझौता ज्ञापन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12,264 करोड़ रुपये के 200 समझौता ज्ञापनों पर काम चल रहा है। वहीं, 15,000 करोड़ रुपये की निवेश वाली 166 इकाइयां शुरू हो चुकी हैं।
सालाना 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को देखते हुए, अंतरराष्ट्रीय होटल श्रृंखलाओं ने ब्रज क्षेत्र में काफी रुचि दिखाई है। होटल और आतिथ्य क्षेत्र में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जो कुल विदेशी प्रस्तावों का 50 फीसदी से अधिक है। वृंदावन और गोवर्धन के आसपास 12 से अधिक नए पांच सितारा और सात सितारा होटलों तथा स्वास्थ्य केंद्रों के लिए समझौता ज्ञापन हुए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से निकटता के कारण मथुरा-वृंदावन रसद क्षेत्र की पहली पसंद बन गया है।
कुल विदेशी पूंजी निवेश का 30 फीसदी, यानी लगभग 4,500 करोड़ रुपये, रसद पार्क, शीत भंडारण और आधुनिक भंडारण सुविधाओं के लिए प्रस्तावित है। इससे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच माल की आवाजाही के लिए एक बड़ा आपूर्ति श्रृंखला केंद्र बनेगा। पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए, हरित उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें खाद्य प्रसंस्करण, सौर ऊर्जा उपकरण और हल्के इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में 50,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है।
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ब्रज क्षेत्र में निवेशकों का रुझान बढ़ रहा है। पिछले चाल सालों में 376 समझाैता ज्ञापन हस्ताक्षर हुआ हुए हैं। इनमें लगभग 41 हजार करोड़ रुपये का निवेश है। तेजी से विकसित हो रहे मथुरा जिले में और भी निवेश होने की संभावना है।
- चंद्रभान सिंह, उपायुक्त उद्योग