रिफाइनरी। भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा से समूचा रिफाइनरी नगर भक्तिमय है। 27 जून को भगवान जगन्नाथ अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ श्रीगोकुलेश्वर महादेव मंदिर से रथ में विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। नगर भ्रमण करते हुए जगन्नाथजी अपनी मौसी देवी गुंडिचा के यहां पहुंचे। यहां 9 दिनों तक उनकी विशेष पूजा-अर्चना की गई।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र रथ में विराजमान होकर श्रीमंदिर की ओर लौटे। इस वापसी रथ यात्रा को बाहुड़ा रथ यात्रा भी कहते हैं। उड़िया समाज द्वारा निकाली गई रथ यात्रा में राजा का दायित्व मथुरा रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक मुकुल अग्रवाल ने निभाया।
राजा ने रथ के चहुंओर सोने की सोहनी से झाड़ू लगाई एवं भगवान की आरती उतारी और रथ खींचा। मुम्बई से आए बॉलीवुड एक्टर राजा कापसे ने कहा कि उन्हें कान्हा की नगरी में भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर पुरी की जगन्नाथ यात्रा का आनंद मिल रहा है। रथ यात्रा के मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की आरती की गई। ठाकुरजी को मंदिर में विराजमान किया गया। संवाद