स्वर्ण जड़ित सूर्यप्रभा की सवार में विराजमान भगवान गोदारंगमन्नार।
वृंदावन। रंग मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव के दूसरे दिन रविवार को सुबह भगवान गोदारंगमन्नार ने स्वर्ण जड़ित सूर्य प्रभा रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर से निकाली गई ठाकुरजी की सवारी का भक्तों ने जगह-जगह रंगोली सजाकर स्वागत किया।
रविवार सुबह रथ मंडप से सूर्य प्रभा की सवारी पर विराजमान होकर भगवान रंगनाथ मंदिर प्रांगण स्थित बारहद्वारी पहुंचे। जहां मंदिर के स्वामी रघुनाथ के नेतृत्व में मंत्रोच्चार के मध्य सस्वर भगवान का दिव्यपाठ किया। भगवान की कुंभ आरती की गई। इसके पश्चात भगवान की सवारी नगर भ्रमण के लिए निकली। मंदिर के रघुनाथ स्वामी ने बताया कि भगवान सूर्य ब्रह्मांड में प्रकाश करते हैं लेकिन उनके अंदर प्रभा प्रभु की ही है। इस सवारी में बैठे प्रभु के दर्शन करने से दृष्टि दोष दूर होता है। शनिवार को भगवान रंगनाथ स्वर्ण निर्मित सिंह ( शेर) वाहन पर विराजमान हो कर निकले।