मथुरा। राया थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले 3 आरोपियों को एडीजे तृतीय की कोर्ट ने बृहस्पतिवार को आजीवन कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। युवक की हत्या की साजिश उसकी बुआ के बेटे ने जेल में रहकर रची थी। इसमें आरोपी की पत्नी ने भी उसका साथ दिया था।
एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने बताया कि 9 जनवरी 2019 को जमुनापार थाना थाना क्षेत्र के केहरी गढ़ी निवासी योगेश रावत की बाइक सवार तीन लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने थाना जमुनापार के शिवनगर कॉलोनी निवासी छोटू उर्फ योगेश सिंह, सोनू और अलीगढ़ के मोहकमपुर निवासी अन्नू उर्फ अमर सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया और मामले की विवेचना शुरू कर दी। विवेचना में सामने आया कि तीनों भाड़े के हत्यारे हैं। वह तो योगेश रावत के भाई देवेश को मारने आए थे, लेकिन गलती से योगेश मर गया। उन्हें हत्या के लिए योगेश की बुआ के बेटे जगवीर सिंह ने जेल में रहकर ही सुपारी दी थी।
इसमें जगवीर की पत्नी संगीता ने भी उसका साथ दिया। मृतक की मां शशि को संगीता ने फोन करके बताया था कि वह घर आ रही है। उसे लेने के लिए देवेश को बाइक लेकर भेज दो। शशि ने देवेश के स्थान पर योगेश को बाइक लेकर राया कट पर भेज दिया। यहां से लौटते समय गंगनगर के पास बाइक से आए भाड़े के तीनों हत्यारों ने गोली मारकर योगेश की हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना में जगवीर उर्फ जग्गो तथा उसकी पत्नी संगीता का नाम भी शामिल किया है।
बृहस्पतिवार को एडीजे तृतीय की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तीनों हत्यारों को छुड़ाने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन शासकीय अधिवक्ता के समक्ष उनकी एक न चली। कोर्ट ने अधिवक्ताओं की दलील, साक्ष्य व गवाहों के आधार पर तीनों को आजीवन कारावास की जेल तथा 20-20 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।इस मामले में अन्य आरोपियों के ऊपर अलग कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।