मथुरा। जिले में 400 करोड़ रुपये की 100 बीघा सरकारी जमीन के फर्जीवाड़े में भूमाफिया पशुओं के चरागाह की जमीनें भी चट कर गए जबकि पशुचर भूमि की प्रकृति बदली नहीं सकती है। अब भी इस फर्जीवाड़े की तमाम परतें खुलना बाकी हैं, जो प्रशासन की जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
अमर उजाला ने करीब 400 करोड़ रुपये कीमत की 100 बीघा संरक्षित श्रेणियों की सरकारी जमीन के फर्जी एग्रीमेंट और बैनामे कराने का खुलासा किया था। इसमें संगठित भूमाफिया गिरोह ने बंजर, नवीन व पुरानी परती और ग्राम सभा के साथ चरागाह श्रेणी की पशुचर जमीनों के भी सौदे करा दिए हैं। जबकि चरागाह श्रेणी की जमीनों का एग्रीमेंट और बैनामे करना तो दूर ऐसी जमीन पर एक ईंट का निर्माण करना भी पूरी तरह गैरकानूनी है। जिलाधिकारी सीपी सिंह का कहना है कि कई गांवों में सरकारी जमीनों की फर्जी लिखा पढ़ी कराने के मामले में पशुचर जमीनों के भी फर्जी दस्तावेज बनाने का मामला संज्ञान में आया है। जबकि पशुचर भूमि की प्रकृति को बदला नहीं जा सकता है। इस मामले में राजस्व विभाग से सघन जांच कराई जा रही है। खुलासा होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।