वृंदावन। वृंदावन में बड़े रसमंडल में तीन दिवसीय श्रीराधा नाम रस प्रवाह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मुक्तसर साहिब (पंजाब) से पधारे संत कुलविंदरदास महाराज सतगुरु दरबार वालों ने अपने प्रवचनों और संकीर्तन के माध्यम से भक्तों को सराबोर किया।
इस अवसर पर संत कुलविंदर दास महाराज ने कहा कि समस्त वेद–पुराणों का सार श्री राधा नाम में निहित है। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं राधा नाम को अपनी बांसुरी में सदा गुंजारित करते रहे। राधा नाम का स्मरण जीवन को आध्यात्मिक आनंद और परम शांति प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान संगत द्वारा दोपहर और शाम को राधा नाम संकीर्तन किया गया। इसके बाद संत-साधुओं, ब्रजवासियों और ब्राह्मणों की भोजन सेवा कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया गया। इस मौके पर महंत लाड़लीशरण महाराज, महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज, बालशुक पुंडरीक कृष्ण महाराज, डॉ. रमाशंकर शास्त्री, रामसुंदर दास महाराज, रामदास महाराज, प्रियादास भक्तमाली, हैप्पी बाबा छपार वाले, बिहारी लाल वशिष्ठ महाराज आदि मौजूद रहे।