परंपरा के अनुरूप नंदबाबा के गांव नंदगांव में भगवान कृष्ण एक दिन बाद जन्म लेंगे। इस बार विश्वभर में कन्हैया का जन्मोत्सव 25 अगस्त को मनाया जाएगा। नंदगांव में यह 26 अगस्त को मनाया जाएगा।
बता दें कि नंदगांव में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी खुर गिनती (दिन-गिनती) रीति से मनाई जाती है। इसके चलते कई बार नंदभवन में जन्माष्टमी अलग तारीख को हो जाती है। नंदगांव में प्रचलित रीति के अनुसार रक्षा बंधन के ठीक आठ दिन बाद ही जन्माष्टमी मनाई जाती है।
इस दौरान यदि कोई तिथि क्षय होती है या बढ़ती है तो नंदगांव में जन्माष्टमी की तिथि बदल जाती है। अन्य कई त्योहार भी खुर गिनती रीति से ही निर्धारित किए जाते हैं। जन्मोत्सव के अगले दिन नवमी को नंदगांव में कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है।
इस दिन नंदगांव-बरसाना के गोस्वामीजन संयुक्त समाज गायन, दधि कांधो, शंकर लीला, मल्ल युद्ध, बांस बधाई आदि का आयोजन नंदभवन में करते हैं। अष्टमी के दिन रात में भजन संध्या के साथ-साथ श्रीकृष्ण के कुल का बखान ढांडी-ढांडन लीला द्वारा किया जाता है। नंदगांव के नंदभवन में 27 अगस्त को नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।
11 वर्ष तक नंदगांव में रहे श्रीकृष्ण
मान्यता है कि मथुरा में कंस की जेल में जन्म के बाद श्रीकृष्ण को गोकुल ले जाया गया। कंस के भय से नंदीश्वर पर्वत को सुरक्षित स्थान मान नंदबाबा सपरिवार नंदगांव आकर बस गए। यहां श्रीकृष्ण 11 वर्ष 56 दिन तक रहे। कंस के भय के चलते नंदबाबा ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव भी नंदगांव में ही मनाया। इस दौरान विभिन्न देवी-देवता भी अलग अलग रूपों में नंदगांव आए। यह प्रमाण धार्मिक पुस्तकों में है।