मथुरा। रोपवे पर काम करते कर्मचारी।
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मथुरा। तीन दिन पहले रोपवे में आई खराबी को दुरुस्त करने के लिए शुक्रवार को भी कोलकाता से आई टीम जुटी रही। टीम ने श्रद्धालुओं के वजन के बराबर वजन के बोरे रखकर रोपवे का ट्रायल किया। ट्रायल तो ठीक रहा, लेकिन आईआईटी रुड़की की टीम का इंतजार है।
18 मार्च को बरसाना में राधारानी मंदिर से लौटने वाली तीन ट्रॉलियों की रफ्तार अनियंत्रित हो गई थी। इसके बाद तीनों ट्रॉलियां स्टेशन पर आकर टकराई थीं। हालांकि हादसे में किसी भी श्रद्धालु को कोई चोट नहीं आई थी। इसके बाद से ही रोपवे का संचालन बंद चल रहा है। कोलकाता और दिल्ली से आई इंजीनियरों की टीम कमी की जांच कर रही है। अब तक की जांच में पॉवर ट्रिप होने से ब्रेक न लगाने की बात सामने आई है। लगातार टीम इस कमी को दुरुस्त करने में जुटी है।
इसी के तहत शुक्रवार को टीम ने ट्रॉलियों में श्रद्धालुओं की जगह वजन रखकर ट्रायल किया। कई बार मंदिर तक ट्रॉलियों के संचालन का ट्रायल किया गया। इस बीच पॉवर ट्रिप करके भी देखा गया, लेकिन सब कुछ ठीक रहा। हालांकि ब्रज तीर्थ विकास परिषद की ओर से आईआईटी रुड़की की टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। अब रुड़की से टीम आने का इंतजार है। टीम कब तक आएगी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। तब तक श्रद्धालुओं को रोपवे की सेवाओं के लिए इंतजार करना होगा। सूत्रों के अनुसार इसमें एक सप्ताह या उससे अधिक समय भी लग सकता है।