किसान सभा के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड अतुल कु मार अंजान ने कहा है कि केन्द्र सरकार उद्योगपतियों और पूंजीपतियों के हित साधने में लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों की जमीनों को पूंजीपतियों को देकर उन पर उद्योग लगाना चाहते हैं।
अंजान शुक्रवार को डीएम कंपाउंड में धरना-प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार दोपहर को किसान सभा की सैकड़ों महिलाएं और किसान टैंक चौराहे पर इकट्ठा हुए और रैली के रूप में केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीएम कंपाउंड पहुंचे।
सभा के महासचिव कामरेड अतुल कुमार अंजान ने साथियोें संग वर्ष 2013 में बनाए गए भूमि अधिग्रहण कानून की प्रतियां जलाईं। कहा कि भूमि अधिग्रहण कानून किसान विरोधी कानून बनकर रह गया है।
किसान नेता छीतर सिंह ने कहा कि किसानों की जमीनों को पूंजीपतियों को देने पर सरकार उतारू है। 2013 में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाकर सरकार किसानों की जमीन छीन रही है। मोदी सरकार आते ही किसानों को गेहूं पर बोनस राशि बंद हो गई। यूरिया के लिए मारामारी मची है, नहर और बंबे सूखे पड़े हैं।
राधा चौधरी, थान सिंह एडवोकेट, राजेश पहलवान, पूरन पहलवान, पूरनमल शर्मा, जगदीश शर्मा, रामबाबू, शीला, सतीश आदि ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन बच्चू सिंह ने किया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।