मथुरा। पत्नी एवं दो सौतेले बच्चों की बांक से काटकर नृशंस हत्या करने के मामले में अदालत ने पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। २५ जनवरी को अदालत ने उस पर दोष सिद्ध किया था। हत्याभियुक्त वारदात के बाद से ही जेल में था।
२/३ सितंबर २०१७ की रात को औरंगाबाद निवासी बाबूलाल पुत्र द्वारिका निवासी गणेशपुरम औरंगाबाद की ३५ वर्षीय पत्नी शशि, १६ वर्षीय पुत्र जय किशन तथा ९ वर्षीय नीरज उर्फ भूरा की नृशंस हत्या की गई थी। उनके शव घर में ही रक्त रंजित मिले थे। उनकी धारदार हथियार से काटकर हत्या की गई थी। चार वर्ष की बच्ची मौके पर जिंदा बची थी। बाबूलाल की चाची सर्वेश देवी ने बाबूलाल तथा भतीजे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
थाना सदर बाजार पुलिस ने बाबूलाल को दिल्ली से उसके भाई के पास से गिरफ्तार किया। जिसके बाद उसने न केवल अपना जुर्म कबूल किया, बल्कि हत्या में प्रयुक्त बांक भी पुलिस ने बरामद किया।
मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे ने की। जांच अधिकारी ने केस के पक्ष में सात गवाही पेश की गईं। २५ जनवरी को एडीजे प्रथम अनिल कुमार पांडे की अदालत ने बाबूलाल को दोष सिद्ध कर दिया तथा बृहस्पतिवार को निर्णय देते हुए अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर तीस हजार का अर्थदंड भी लगाया। एडीजीसी सूर्यवीर सिंह ने बताया कि अर्थदंड जमा न करने पर छह माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी।