जवाहरबाग हिंसा की जांच कर रही सीबीआई अब अधिकारियों से पूछताछ करेगी। मार्च 2014 से 2 जून 2016 तक जो भी पुलिस और प्रशासनिक अफसर तैनात रहे हैं सभी को बुलाया जाएगा। कई अफसरों को नोटिस भी जारी हो गए हैं।
मथुरा के जवाहरबाग में 2 जून 2016 को हुई हिंसा में एसपी सिटी और थानाध्यक्ष मारे गए थे। रामवृक्ष यादव समेत 27 कब्जाधारियों की भी मौत हो गई थी। प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई ने उन अधिकारियों की सूची बना ली है जो मार्च 2014 से 2 जून 2016 के मध्य मथुरा में तैनात रहे हैं।
कानून व्यवस्था के लिहाज से जवाहरबाग को कब्जाधारियों से मुक्त कराना जिनकी जिम्मेदारी थी। इनमें डीएम, एसएसपी, एसपी सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम, सीओ और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी हैं। सीबीआई ने अभी तक जवाहरबाग को लेकर दर्ज होने वाले सभी मुकदमों का अध्ययन कर लिया है। जेल में बंद कब्जाधारियों से भी पूछताछ की गई है। अब अधिकारियों का पक्ष जाना जाएगा।
इन सवालों का देना होगा जवाब
रामवृक्ष अपने समर्थकों के साथ जवाहरबाग में कैसे घुसा
बगैर अनुमति के उसे प्रवेश क्यों दिया गया था
शुरूआत में ही बाग को खाली कराने के प्रयास क्यों नहीं हुए
शासन को कब- कब इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी
जवाहरबाग को खाली कराने के क्या-क्या प्रयास हुए
जवाहरबाग को खाली कराने की क्या प्लानिंग थी
एसपी सिटी के साथ कौन-कौन अधिकारी गए थे