ढाई साल से जवाहर बाग अपराधियों की शरणगाह बना हुआ था। बाग में यूपी ही नहीं पूर्वांचल, बिहार, असम, कटक, मध्यप्रदेश और झारखंड के अपराधी, वांछित लोग शरण लिए हुए थे। ऐसे लोगों की संख्या सैकड़ों में थी। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को ही जवाहर बाग से अन्य लोगों को दूर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बाग में इसके लिए 10 चौकी स्थापित की गई थीं।
राकेश गुप्ता ने पुलिस पूछताछ में इस संबंध में खुलासा किया है। चंदनबोस से पुलिस पूछताछ में भी कई ऐसे लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। अब पुलिस इन अपराधियों के संबंध में संबंधित थानों से जांच आख्या रिपोर्ट मंगा रही है।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि अब तक जवाहर बाग प्रकरण में 107 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। 237 अन्य लोगों के नाम पता चले हैं, इनमें से कई अपराधी और वांछित हो सकते हैं। उनके बारे में जेल में बंद लोगों से पूछताछ की जा रही है। संबंधित पुलिस थानों से भी रिपोर्ट मंगवाई जा रही है।
10 चौकियों पर हर वक्त रहती थी पहरेदारी
जवाहर बाग में बनाई गईं दस सुरक्षा चौकियों पर 10 लोगों की टीम छह-छह घंटे की शिफ्ट में तैनात रहती थी। सुरक्षा अधिकारी का काम बदायूं का वीरेश यादव और कपिल कुमार देखते थे। चौकियों पर तैनाती के लिए अच्छी कद-काठी और आपराधिक मानसिकता वाले लोगों का ही चयन किया जाता था।