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Mathura News: जमानतदारों के फर्जी अभिलेख लगाकर न्यायालय से असद ने ली थी जमानत

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मथुरा। वारदात स्थल पर पड़ी पिस्टल - फोटो : mathura
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मथुरा। दुर्दांत अपराधी असद उर्फ फाती ने कोसीकलां पुलिस द्वारा जेल भेजने के बाद मथुरा न्यायालय से जमानत पाने के लिए भी फर्जीवाड़ा किया था। जमानतदारों के फर्जी अभिलेख लगाकर उसने न्यायालय से जमानत ले ली थी। साथ ही अपने पता भी गलत दर्ज कराया था। बाद में फर्जीवाड़ा खुलने पर सदर थाने में असद व अज्ञात जमानदारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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थाना कोसीकलां पुलिस ने 10 जून 2023 को असद उर्फ फाती को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद असद ने जमानत के लिए न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी। अर्जी पर सुनवाई करते हुए पांच माह बाद 6 नवंबर 2023 को कोर्ट ने असद को जमानत पर रिहा कर दिया। विवेचना के दौरान पता चला कि असद ने अपना जो पता बताया था वह गलत था। उसका असली पता गांव दोताई थाना गढ़मुक्तेश्वर है, जबकि पुलिस को जमानत के दस्तावेजों में गांव दोताई थाना वाबूगण मिला। इसके साथ ही जमानतदारों के अभिलेख भी फर्जी पाए गए थे।
मामला पकड़ में आने के बाद हेड कांस्टेबल गौरव सिंह ने सदर थाने में असद 31 जुलाई 2024 को सदर थाने में असद और फर्जी जमानतदारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तभी से मथुरा पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। 15 माह के लंबे इंतजार के बाद रविवार को पुलिस ने मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया।
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सुरीर पुलिस के साथ भी हुई थी मुठभेड़
कोसीकलां पुलिस की कार्रवाई से पहले 22 जनवरी 2023 को सुरीर थाने की पुलिस के साथ असद और गुर्गों से मुठभेड़ हुई थी। कार्रवाई के दौरान सुरीर पुलिस असद के पांच गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि असद और उसके दो साथी मौके से भाग गए थे। असद और उसके गुर्गों वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। पकड़े गए आरोपियों ने अपना पता झुग्गी झोपड़ी भांकरोटा जिला जयपुर बताया था। पूछताछ में असद का भी झुग्गी झोपड़ी का निवासी बताया था। हालांकि पुलिस उसके असली पते को लेकर उलझी हुई है।
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