सर्जन बनकर मरीज की सेवा करना चाहती हैं इशिता
हाईवे स्थित अपना नगर कालोनी निवासी इशिता सिंह ने 95.80 प्रतिशत अंक के साथ दसवीं में जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इशिता सिंह का कहना है कि वह चिकित्सा सेवा के क्षेत्र को अपना ध्येय बनाए हुए हैं। उनका सपना विख्यात सर्जन बनना और गरीब मरीजों की सेवा करना हैं। इसके लिए उन्होंने अभी से तैयारी शुरू कर दी हैं। उनकी रणनीति है कि12वीं के साथ ही उनका चयन एमबीबीएस में हो जाए। इशिता सिंह कहती हैं कि वह करीब 8-10 घंटे पढ़ाई करती थीं। अच्छे अंकों से पास होने की उम्मीद तो थी लेकिन जिले में प्रथम आना तो उम्मीद से बढ़कर है। इशिता के पिता रविंद्र प्रताप सिंह जीएलए विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। मां नीरज सिंह गृहिणी हैं।
आईआईटी से इंजीनियरिंग करना चाहते हैं आलोक
सेक्रेड हार्ट स्कूल में पढ़ रहे कृष्णापुरम कालोनी निवासी आलोक खंडेलवाल ने 95.4 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आलोक 4-5 घंटे ही पढ़ते थे, लेकिन जिस समय पढ़ते थे उस समय किसी भी तरह का व्यवधान पसंद नहीं करते थे। परिवार भी उनको पढ़ाई पर पूरा ध्येय लगाने में मदद करता है। दवा कारोबारी आलोक खंडेलवाल के बेटे आलोक आईआईटी से सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। मां दीपा खंडेलवाल गृहिणी हैं।
अदिति का भरोसा क्वालिटी एजुकेशन
गुरू नानक नगर निवासी अदिति गोयल भी 95.4 प्रतिशत अंक लाकर जिले में दूसरे स्थान पर रहीं। अदिति आईआईटी इंजीनियर बनना चाहती हैं, हालांकि उन्होंने अभी कोई ब्रांच फाइनल नहीं की है। अदिति घंटों तक पढ़ाई में यकीन नहीं रखतीं। उनका भरोसा क्वालिटी एजुकेशन है। पिता अमरनाथ गोयल व्यवसायी हैं। मां रुचि गोयल घर संभालती हैं। एक छोटी बहन रितिशा एलकेजी में पढ़ रही है। अदिति कहती हैं कि संगीत उनको रिलेक्स महसूस करती हैं।