मथुरा। रिश्वत के आरोप में जेल गया हाईवे थाने की मंडी चौकी प्रभारी विदित कुमार पहले भी विवाद में रहा है। 2019 बैच के दरोगा ने 27 अप्रैल 2020 को जनपद में आमद कराई थी। इसके बाद सबसे पहले गोवर्धन में पोस्टिंग हुई। यहां 15 महीने के कार्यकाल के दौरान उसके ऊपर कई आरोप लगे, लेकिन सभी मामलों का निपटारा हो गया। एसएसपी श्लोक कुमार ने दोनों को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार विदित कुमार पर सबसे पहले गोवर्धन में रिश्वत मांगने का आरोप लगा। एसएसपी ने लाइन हाजिर कर दिया। लाइन में चार माह रहने के बाद दरोगा ने अपनी पोस्टिंग सदर बाजार थाने में करा ली। यहां दो साल 9 माह के कार्यकाल में कई शिकायत हुई। यहां से हाईवे थाने की मंडी चौकी का प्रभारी बनाया गया। यहां भी कई शिकायतें आईं। 11 मई को महेंद्र नगर में फायरिंग और मुठभेड़ के अभियुक्त को शाम को ही दरोगा विदित कुमार और हेड कांस्टेबल दिलीप पौनियां ने गिरफ्तार कर लिया।
दरोगा ने उसे मुठभेड़ की धमकी देते हुए दो लाख रुपये की मांग की। 80 हजार रुपये छोड़ने के लिए दिए। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार शाही के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी। बृहस्पतिवार को मुठभेड़ में घायल सुनील और सचिन से पूछताछ में भी इसकी पुष्टि हुई। एसएसपी श्लोक सिंह ने बताया कि दरोगा और हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है।
करवट बदलते हुई बीती पहली रात : रिश्वत के आरोप में जेल गए दरोगा और हेल कांस्टेबल को एक ही बैरक में रखा गया। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रात पर दोनों सो नहीं पाए। पूरी रात करवट बदलते रहे।