मथुरा। लेखपाल के साथ मारपीट और पत्नी के साथ अभद्रता के मामले में हुई मजिस्ट्रेट जांच में दरोगा और सिपाही को दोषी पाया गया है। मजिस्ट्रेट द्वारा डीएम और एसएसपी को दी गई आख्या में दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखा गया है।
मामला 19 मार्च 2019 का है। महावन में तैनात लेखपाल महेश बाबू शर्मा पत्नी देवकी के साथ रंगीली एकादशी पर वृंदावन परिक्रमा कर बाइक से लौट रहे थे। मथुरा मार्ग पर सौ सैया अस्पताल तिराहे पर तैनात दरोगा सोनू राना और ट्रैफिक कांस्टेबिल रविंद्र कुमार खड़े थे। महेश बाबू को दोनों ने रोक लिया और बदसलूकी करने लगे। जब महेश बाबू ने कहा कि वह लेखपाल हैं तो दोनों पुलिसकर्मियों ने मारपीट कर डाली। बचाव में आई पत्नी देवकी के साथ बदसलूकी की गई।
इतना ही नहीं पति पत्नी दोनों को थाने ले जाया गया। यहां पत्नी देवकी को शाम को छोड़ दिया, लेकिन महेश बाबू पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और शांतिभंग में अगले दिन चालान कर दिया। इसे लेकर लेखपाल ने डीएम से लेकर कमिश्नर को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। मामले में लेखपाल संघ ने भी नाराजगी जताते हुए पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
कमिश्नर के आदेश के बाद एडीएम सतीश कुमार त्रिपाठी ने मामले की जांच की। जांच सात अगस्त को डीएम और एसएसपी को भेजी गई जांच आख्या में एसआई सोनू राना और कांस्टेबिल को दोषी पाया है। एडीएम ने दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई को भी लिखा है।