मथुरा। जिले में अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ पाईं औद्योगिक इकाइयों के लिए अब कुशल और अकुशल कामगारों की कमी नहीं खलेगी। देश के दूसरे राज्यों व जनपदों से मथुरा लौटे श्रमिक फिलहाल बेरोजगार हैं। उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने कामगारों का ट्रेडवार विवरण मांगा है।
कोरोना काल में बंद रहीं जिले की औद्योगिक इकाइयों के संचालन की भले ही अनुमति दी जा रही हो, लेकिन कामगारों, कच्चे माल और मांग की कमी के कारण औद्योगिक गतिविधियां अभी गति नहीं पकड़ पा रही हैं। हालांकि लॉकडाउन-5 के तहत कुछ छूट दी गईं हैं। फिर भी श्रमिकों का अभाव परेशानी का सबब बन रहा है। इधर, कोविड-19 महामारी के समय लागू लॉकडाउन अवधि में देश के दूसरे राज्यों में काम करने वाले कुल 1891 प्रवासी कामगार अभी तक जनपद मथुरा आ चुके हैं।
इनमें विभिन्न ट्रेडों के कुल 759 कुशल और 1132 अकुशल कामगार हैं। ऐसे में इन्हें भी रोजगार की जरूरत है। शासन की भी मंशा है कि प्रवासी कामगारों का समायोजन स्थानीय स्तर पर ही किया जाए। जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र मथुरा के उपायुक्त उद्योग रामेंद्र कुमार ने जनपद के सभी उद्यमियों से कुशल-अकुशल श्रमिकों की मांग के विषय में ट्रेडवार मांग का विवरण विभागीय ई-मेल आईडी पर मांगा है।
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि बाहर से आए कामगारों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके, इसलिए उद्यमियों से उनकी मांग के अनुरूप ब्योरा मांगा है।