मथुरा। कान्हा की नगरी में इंद्रदेव ने कहर बरपाया। बीते शुक्रवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर कम होने की बजाय रविवार दोपहर तक चलता रहा।
बीते 24 घंटे में 177 मिमी. बरसात से शहर की तमाम सड़कों ने नहर का रूप ले लिया। कॉलोनियों की सड़कें नालों में तब्दील हो गईं, तीनों रेलवे अंडरपास के नीचे कमर तक पानी भर गया। अनेक वाहन पानी में फंसकर बंद हो गए।
हादसे न हो इसके लिए पुलिस ने जगह-जगह बैरियर लगाकर रास्ते बंद कर दिए। इससे पूरे शहर की रफ्तार थम गई। मथुरा में चौबियापाड़ा में एक मकान और वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर मार्ग पर एक घर की दीवार गिर गई। गनीमत रही कि हादसा नहीं हुआ। उधर, बारिश के कारण बीते तीन दिन से ग्राहकी मंदी रही और कारोबारियां का 70 करोड़ से रुपये अधिक का व्यापार प्रभावित हुआ। देहात क्षेत्र में भी बारिश का दौर चला। खेतों में पानी भरने से कपास, बाजरा और सब्जियों में भारी नुकसान की आशंका है।
बीते शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बारिश का दौर शुरू हुआ था। धार्मिक नगरी के लोगों ने इसे लल्ला के फरूआ धुलने की परंपरा से जोड़कर देखा और खुशी जताई, अगले 36 घंटे तक लगातार बारिश ने तौबा करा दी। हालत यह हो गई कि बाजार तो दूर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। शनिवार देर रात तक बारिश और रविवार सुबह फिर से मूसलधार बारिश ने पूरे शहर की सड़कों को नहर में तब्दील कर दिया।
पानी के कारण सभी प्रमुख रास्ते बंद हो गए। नए बस स्टैंड स्थित रेलवे के अंडरपास के नीच पांच फीट तक पानी भर गया। मसानी, भूतेश्वर चौराहा पर भी यही हाल रहा। हाईवे के बाईपास पर भी जलभराव हो गया। जगह-जगह वाहन बंद हो गए। लोगों की दुकानों-घरों में पानी भर गया। सराफा, पोशाक, कपड़ा, खान-पान का करीब 70 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो गया।
जर्जर मकान का हिस्सा भरभराकर गिरा
चौबियापाड़ा क्षेत्र के शीतल माता मंदिर के पास रविवार सुबह करीब छह बजे एक मकान भरभराकर गिर पड़ा। गनीमत रही कि मकान का पिछला हिस्सा गिरा। परिवार वाले मकान के अगले हिस्से में सो रहे थे। यह मकान मुरारी लाल चतुर्वेदी, पप्पू चतुर्वेदी, स्वाती चतुर्वेदी का है। स्वाती ने बताया कि मकान पुश्तैनी है। कुछ समय पहले मकान में आग लग गई थी, जिससे जर्जर हो चुका था। बरसात के कारण अचानक पिछला हिस्सा गिर गया। मकान की दीवार के सहारे लगे बिजली के खंभे एवं टेलीफोन के खंभे भी मलबे की चपेट में आने से गिर गए।
बारिश के कारण कहां-कहां क्या-क्या नुकसान हुआ है, इसका सर्वे कराया जाएगा। दो स्थानों पर मकान/दीवार गिरने की सूचना मिली है। गनीमत है कि कहीं जनहानि नहीं हुई है।
- योगानंद पांडेय, एडीएम वित्त एवं राजस्व