भरतपुर। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में प्रभु श्रीरामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। इस अवसर पर अयोध्या के सरयू नदी के रामघाट पर 108 फीट लंबी अगरबत्ती को प्रज्वलित किया जाएगा। गुजरात के बड़ोदरा में तैयार की गई यह अगरबत्ती सोमवार को भरतपुर पहुंची।
यहां श्रद्धालुओं ने अगरबत्ती ले जाने वाले लोगों का स्वागत किया। अगरबत्ती तैयार करने वाले विहा भाई भरवाड़ा ने बताया 108 फीट लंबी और साढ़े 3.5 फीट गोलाई (व्यास) वाली अगरबत्ती का निर्माण गुजरात के बड़ोदरा में किया गया है। इसके निर्माण के लिए गाय का घी, गाय के गोबर के कंडे, हवन सामग्री और जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया गया है। इसके निर्माण में 5 लाख रुपये की लागत आई है।
बताया कि अगरबत्ती 1 जनवरी को गुजरात के बड़ोदरा से रवाना हुई। यह अगरबत्ती करीब 1700 किलोमीटर का सफर तय करके 12 जनवरी को अयोध्या पहुंच जाएगी। 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर इसे प्रज्ज्वलित किया जाएगा। भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य शिवानी दायमा, दानवीर, बृजमोहन कुंतल, इंजीनियर विष्णु दत्त शर्मा, दिनेश कुंतल, हरि मोहन, बीके मित्तल, कार्तिकेय शर्मा, छोटू, शैलेंद्र पाराशर, अन्नू, शांडिल्य, उपेंद्र सिनसिनी, यशवंत जैन शामिल रहे।
इस सामग्री से किया निर्माण
अगरबत्ती में 386 किलो नारियल का खोपरा, 376 किलो गुग्गल, 280 किलो जौ, 280 किलो तिल, 425 किलो हवन सामग्री, 1475 किलो गाय के गोबर का पाउडर, 191 किलो गाय का घी, हिमालय की जड़ी-बूटियां, 100 किलो फूलों का पाउडर सहित 3610 किलो सामग्री से अगरबत्ती का निर्माण कराया गया है।
6 माह में तैयार, 45 दिन तक जलेगी
विहा भाई भरवाड़ा ने बताया अगरबत्ती के निर्माण में 6 माह का समय लगा है। यह अगरबत्ती 22 जनवरी से 45 दिन तक प्रज्ज्वलित रहेगी। अगर ज्योति की तरह प्रज्ज्वलित रखना है तो 15 दिन तक चलेगी। अगरबत्ती अपने चारों तरफ करीब 50 किमी के क्षेत्र की नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर वातावरण को खुशबू से महकाएगी।