बांके बिहारी मंदिर, आईआईटी रुड़की
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वृंदावन के ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ पर नियंत्रण करने के लिए आईआईटी रुड़की की टीम बृहस्पतिवार को सर्वे करने मंदिर में पहुंची। टीम में प्रो. संजय सिंह और उनके सहायक उनके साथ रहे। प्रो. संजय सिंह ने मंदिर के जगमोहन, चबूतरा, आंगन और बाहरी आंगन का अवलोकन किया।
आईआईटी रुड़की की टीम ने सुबह साढ़े नौ बजे श्रीबांकेबिहारी के दरबार में दस्तक दी। मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी और मंदिर के मैनेजर मुनीश शर्मा की मौजूदगी में टीम ने सभी स्थानों को देखा। मंदिर के कई अहम हिस्सों के बारे में अपनी डायरी में नोट कर लिया। टीम ने मंदिर में जगमोहन, आंगन, चबूतरा, गर्भ गृह के पीछे का हिस्सा, प्रवेश और निकास दोनों द्वारों का भी निरीक्षण किया।
सेवायत दिनेश गोस्वामी ने आईआईटी रुड़की के टीम लीडर प्रो. संजय को बताया कि पूर्व में आईआईटी दिल्ली की टीम ने भी सर्वे किया था। उक्त सर्वे की रिपोर्ट की कॉपी भी उन्हें दी। रिपोर्ट को देखने के बाद उन्होंने बताया कि आईआईटी दिल्ली के सर्वे की रिपोर्ट से काफी मदद मिलेगी। मंदिर के आंगन में पूर्व में लगाई गई रैलिंग से काफी गहरे गड्डे हो गए हैं।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में भीड़ के दबाव के चलते हल्की फुल्की रेलिंग से काम नहीं चलेगा। प्रो. संजय के मुताबिक एयरपोर्ट पर हल्की रेलिंग का प्रयोग किया जाता है। एयरपोर्ट सा निर्माण भविष्य को देखते हुए किया जाता है। इसलिए काफी अधिक जगह की घेराबंदी की जाती है, लेकिन यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। सीमित जगह में ही पूरी व्यवस्था बनानी है। मुम्बई मेट्रो की तर्ज पर यहां रेलिंग लगाए जाने की संभावना है।
अगले सर्वे में आएंगे विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ
बृहस्पतिवार को आईआईटी रुड़की की टीम के लीडर प्रो. संजय सिंह ने मंदिर का निरीक्षण किया और कई अहम बिंदुओं को नोट किया है। उन्होंने बताया कि अभी उनकी टीम के सदस्य विशेष प्रशिक्षण में गए हुए हैं। अगले सप्ताह उनके आने पर पूरा सर्वे किया जाएगा। टीम को कुछ विशेष उपकरण और यंत्र भी साथ लाने होंगे, तकि कम से कम समय में मंदिर में आ रही इस समस्या का पूरा समाधान किया जा सके।