वृंदावन (मथुरा)। नगर निगम द्वारा वृंदावन में चलाए जा रहे सीवर लाइन विस्तार कार्य में हुई दुर्घटना के बाद मृतक मजदूर के पिता ने ठेकेदार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फिरोजाबाद निवासी वीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे की मौत के मामले में ठेकेदार मोनू जादौन और दीपचंद जादौन पर जबरन काम करवाने, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि रात में काम नहीं कराया जाता तो शायद बेटे की जान बच जाती।
वीरेंद्र सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पुत्र नौरंगी लाल 25 अप्रैल को सुबह 9 बजे सुदामा कुटी के सामने चल रहे सीवर लाइन प्रोजेक्ट में काम पर गया था। शाम 6 बजे के करीब जब वह काम खत्म कर अपने कमरे पर लौटने लगा तो ठेकेदार ने उस पर रात में भी काम करने का दबाव बनाया। ठेकेदार ने कहा कि नगर निगम के जूनियर इंजीनियर का काम जल्द पूरा करने के लिए दबाव है इसलिए वह कमरे नहीं जा सकता।
बिना सुरक्षा के गड्ढे में उतारा, हुई मौत
पीड़ित पिता ने बताया कि उनका बेटा थका हुआ था और उसने मना भी किया लेकिन दबाव के चलते वह काम पर रुक गया। रात करीब 11 बजे उसे जबरन 11 फुट गहरे गड्ढे में उतार दिया गया। बिना किसी सुरक्षा उपकरण के। मौके पर जहां 6 मजदूरों की जरूरत थी, वहां केवल 3 लोग ही काम पर लगाए गए थे। इसी दौरान मिट्टी ढह गई और नौरंगी मलबे में दब गया।
इधर, घटना के बाद ठेकेदार और उसके लोग जेसीबी समेत मौके से भाग गए। वीरेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा कि यह पूरी घटना ठेकेदार की लापरवाही और नगर निगम की उदासीनता का नतीजा है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिन अधिकारियों ने अनुभवहीन फर्म को टेंडर दिया उनके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा प्रदान किया जाए।
काम के दौरान न सुरक्षा थी न निगरानी
हादसे के वक्त न तो कार्यस्थल पर किसी प्रकार का सुरक्षा उपकरण मौजूद था न ही कोई इंजीनियर वहां निगरानी कर रहा था। मजदूर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के गहरे गड्ढे में काम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ठेकेदार पर काम शीघ्र पूरा करने का भारी दबाव था जिसके चलते सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई।
-कंपनी ने रात में कार्य कराकर लापरवाही की है। इस मामले में मृतक के परिजन ने एफआईआर दर्ज कराई है। जांच के बाद विभाग भी कार्रवाई करेगा।
-सीपी पाठक, अपर नगर आयुक्त