योगी सरकार ने गौरव दयाल कमेटी की रिपोर्ट को स्वीकार किया। कॉरिडोर बनाने की चर्चा चली। मगर, इसी बीच वृंदावन के मूल स्वरूप के साथ खिलवाड़ होने का हवाला देते हुए कुछ लोग इसके खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। सरकार की ओर से जिला प्रशासन ने एक साल हाईकोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी।
तमाम कॉरिडोर के समर्थन में दिए। दूसरी ओर से भी तमाम तर्क अपनी याचिका के संबंध में दिए गए। मंदिर प्रबंधन ने मंदिर कोष से एक रुपया भी निर्माण कार्य में देने से मना कर दिया। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुना और एक साल बाद कॉरिडोर को श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन की व्यवस्था के पक्ष में मानते हुए अपना फैसला दिया।
आईएएस अधिकारी गौरव दयाल
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