मथुरा। एफटीसी प्रथम महिला विरुद्ध अपराध कोर्ट ने दहेज हत्या में दोषी पति को 10 साल और सास-ससुर को 7-7 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों पर 15-15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
एफटीसी प्रथम न्यायाधीश ज्योति की अदालत ने् बुधवार को दहेज हत्या के मामले में दीपक सैनी उसके पिता गोखले सैनी व मां मालती देवी निवासी किशोरी नगर, बिरला मंदिर मथुरा को दोषी करार दिया। एडीसी नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि इन दोषियों के विरुद्ध थाना गोविंद नगर में मृतका नीलम उर्फ पूनम के पिता आनंद स्वरूप सैनी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। रिपोर्ट मे्ं आरोप था कि 19 अक्तूबर 2017 को उनके पास पुत्री नीलम का फोन आया था।
उसने सुसराल पक्ष पर जान से मारने की धमकी देने की बात कही। इसके कुछ देर बाद जब वह पुत्री की ससुराल पहुंचा तो उसका शव पंखे से लटका मिला। मौके पर पुलिस भी मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने मृतका के पति दीपक को 10 साल व सास-ससुर को 7-7 साल कैद की सजा सुनाई।
कैफे संचालक की जमानत अर्जी नामंजूर
मथुरा। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट रामकिशोर ने किशोरी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में आरोपी की गई जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। थाना हाईवे में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार 6 दिसंबर 2023 को एक किशोरी ने छत से कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। उसने बताया कि उसकी दोस्त उसे अमेरिकन कैफे में ले गई थी। वहां कैफे संचालक मंयक ने उससे छेड़खानी की।
इसके साथ ही कैफे कर्मचारी ने उसकी वीडियो बना ली। वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई। इसके चलते उसने छत से कूद कर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। पुलिस ने मंयक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में आरोपी ने जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था, जिसे अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट ने खारिज कर दिया। संवाद